
गुवाहाटी, 21 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि असम में पहली बार आयोजित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस की परेड पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के 86 वर्ष के इतिहास में पहली बार यह परेड पूर्वोत्तर में आयोजित की गई है।
सरुसोजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुवा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने निर्णय लिया था कि सीआरपीएफ का स्थापना दिवस समारोह देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष यह आयोजन असम में हो रहा है।
उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए कहा कि अब तक 2,270 जवान देश की सेवा में शहीद हुए हैं। इनमें लगभग 700 पूर्वोत्तर क्षेत्र में, 540 जम्मू-कश्मीर में और 79 असम में शहीद हुए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, झारखंड और पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्र कभी गंभीर रूप से प्रभावित माने जाते थे, लेकिन सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से वहां की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
गृह मंत्री ने बताया कि दो बटालियन से शुरू हुआ सीआरपीएफ आज 243 बटालियनों और 3.89 लाख से अधिक कर्मियों की शक्ति वाला बल बन चुका है। उन्होंने कहा कि उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सीआरपीएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
इससे पहले 20 फरवरी को गृह मंत्री ने कछार जिले के काटीगड़ा स्थित नतुनपुर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 17 राज्यों के 334 ब्लॉकों और लगभग 1,954 गांवों का विकास किया जाएगा, जिनमें असम के 140 गांव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि असम में अवैध भूमि अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
सिलचर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में असम में प्रतिदिन औसतन 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया है तथा कई महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण भी पूरा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि, गृह मंत्री दो दिवसीय दौरे पर असम में हैं, जहां वे विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों और जनसभाओं में भाग ले रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश