संगठित हिंदू समाज ही विश्व शांति और एकता का मार्ग प्रशस्त करेगा : होसबाले

21 Feb 2026 20:35:53
हिंदू सम्मेलन


हिंदू सम्मेलन


जयपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हिंदुत्व विश्वबंधुत्व की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि संगठित और सशक्त हिंदू समाज ही विश्व को एकता और मानवता का मार्ग दिखा सकता है। जहां-जहां हिंदू समाज पहुंचा है, वहां उसने सकारात्मक योगदान दिया है। होसबाले शनिवार को वैशाली नगर के चित्रकूट स्टेडियम में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में क्षेत्र के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उन्होंने “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को हिंदू जीवन दृष्टि का मूल बताते हुए कहा कि दुनिया एक परिवार है और विश्व के किसी भी कोने में संकट आने पर हिंदू समाज उसे अपनी समस्या मानता है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव पीड़ितों को शरण दी है, चाहे वह पारसी समाज हो या तिब्बती समुदाय।

रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कथा नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन का मार्गदर्शन है।

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जिस पवित्र भूमि पर श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव ने अवतार लिया, उस भारत भूमि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ईश्वर का दर्शन करता है और “नमस्ते” इसी भावना का प्रतीक है। प्रकृति के प्रत्येक रूप नदी, वृक्ष, पशु-पक्षी की पूजा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आज जब विश्व पर्यावरण संरक्षण की बात कर रहा है, तब हिंदू समाज प्राचीन काल से ही प्रकृति पूजन की परंपरा निभाता आया है।

उन्होंने प्रकृति संरक्षण को जीवन शैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

योग और सूर्य नमस्कार की वैश्विक स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि योग संपूर्ण मानवता के लिए है। सामाजिक समरसता पर बल देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति-पांति और छुआछूत हिंदू समाज की पहचान नहीं है। परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताते हुए उन्होंने कहा कि परिवार बचेगा तो भारत बचेगा। कुटुंब में मधुर संबंध, जीवन मूल्यों की रक्षा और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजगता राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने हिंदू एकता और राष्ट्रभावना का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सात सौ से अधिक मातृशक्ति द्वारा सामाजिक समरसता के प्रतीक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। राष्ट्रभाव से ओतप्रोत वातावरण में लगभग दो हजार से अधिक सकल हिंदू समाज की सहभागिता रही। सम्मेलन में ‘पंच परिवर्तन’ सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक शिष्टाचार जैसे विषयों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। भजन सम्राट प्रकाश माली की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां 10 दिन पूर्व से ही प्रारंभ कर दी गई थीं। वाहन रैलियों, कॉलोनीवार बैठकों और प्रभात फेरियों के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। क्षेत्र के सभी वर्गों को जोड़ने के उद्देश्य से विशेष जनसंपर्क किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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