व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने के लिए भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव का आयोजन

21 Feb 2026 16:46:53
भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव का जारी फोटो


नई दिल्ली, 21 फरवरी (हि.स)। भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव का दूसरा संस्करण शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधाानी नई दिल्ली में शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।

“लोगों को जोड़ना, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना” के विषय पर आधारित भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव का उद्घाटन भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा और भारत के विदेश मंत्रालय (उत्तरी प्रभाग) के अतिरिक्त सचिव मुनु महावर ने किया। इस वर्ष के व्यापार महोत्सव में दोनों देशों के 60 से अधिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिसमें दस से अधिक उच्चस्तरीय सत्र और नीतिगत संवाद आयोजित किए जाएंगे।

राजधानी नई दिल्ली के हौज खास स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री बिल्डिंग में 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव का आयोजन भारत में नेपाली उद्यमियों के संगठन एवरेस्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा नेपाल दूतावास, नेपाल पर्यटन बोर्ड और व्यापार एवं निर्यात संवर्धन केंद्र के सहयोग से किया गया है।

भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा ने भारत में नेपाल के पर्यटन प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल के पर्यटन स्थलों का पर्याप्त प्रचार भारत में नहीं हो पाया है तथा रामग्राम जैसे ऐतिहासिक स्थलों के प्रभावी प्रमोशन की आवश्यकता है।

इस महोत्सव के मुख्य आयोजक एवरेस्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष युवराज बराल ने कहा कि नेपाल–भारत संबंध हजारों वर्षों से ‘रोटी–बेटी’ के आत्मीय रिश्ते पर आधारित हैं। व्यापार, कला-संस्कृति और फिल्म प्रदर्शन के माध्यम से संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस महोत्सव का आयोजन किया गया है।

इस वर्ष भारत-नेपाल व्यापार महोत्सव में जलविद्युत एवं ऊर्जा साझेदारी, सीमापार व्यापार और कनेक्टिविटी, रामायण और बौद्ध सर्किट के जरिए पर्यटन एकीकरण, बैंकिंग, फिनटेक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, मीडिया एवं सांस्कृतिक कूटनीति, युवा सहभागिता, शिक्षा, नवाचार तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे विषयों पर 10 से अधिक उच्चस्तरीय सत्र और नीतिगत संवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 50 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

पहले दिन नेपाली फिल्म गोरखा वॉरियर की स्क्रीनिंग की गई, जिसका निर्देशन मिलन चाम्लिंग राय ने किया है। इसके बाद “नेपाल–भारत संबंधों में सॉफ्ट पावर के रूप में सिनेमा की भूमिका” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, फिल्म प्रदर्शन, पारंपरिक कला और प्रामाणिक नेपाली व्यंजन भी प्रस्तुत किए गए हैं। 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और 25 हजार से अधिक आगंतुकों की भागीदारी का अनुमान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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