
गुवाहाटी, 22 फरवरी (हि.स.)। असम में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत असम प्रदेश कांग्रेस पार्टी (एपीसीसी) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने रविवार काे औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भूपेन बोरा की कई राज्य स्तरीय नेताओं के साथ असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दिलीप सैकिया की उपस्थिति में भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी हुई।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में जब भूपेन बोरा ने प्रवेश किया तो मुख्य द्वार पर भूपेन बोरा का स्वागत मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, सांसद प्रदान बरुवा और प्रदेश भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने से पहले मीडिया के सामने बोरा ने कहा कि महाभारत के युद्ध से पहले कर्ण की जो स्थिति थी, वही स्थिति कांग्रेस के गौरवशाली असमियों की है। मैं राजीव भवन से बाजपेयी भवन तक सराइघाट के मैदान की तरह भूमिका निभाऊंगा। कांग्रेस में रहने के दौरान मेरा वस्त्र रक्त से रंगा हुआ था। आज वह वस्त्र पहनकर भाजपा के कार्यालय आया हूं। वह रक्त भाजपा के साथ हुए संघर्ष के कारण निकला था। भाजपा उस रक्त का मूल्यांकन करेगी, यही सोचकर वस्त्र पहन रहा हूं।
उल्लेखनीय है कि, बीते शनिवार को भाजपा में शामिल होने की बात उल्लेख करते हुए, भूपेन बोरा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह निर्णय आसान नहीं है। उन्होंने गंभीर मनोबल के साथ यह निर्णय जनता की सेवा के लिए लिया है।
ज्ञात हो कि, भूपेन बोरा असम प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वह 2006 में बिहपुरिया से असम विधानसभा के लिए चुने गए और 2011 में फिर से चुने गए। वह तरुण गोगोई के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान असम सरकार के प्रवक्ता और संसदीय सचिव थे। 2013 में उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का सचिव नियुक्त किया गया। 2021 में, उन्हें असम प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
भूपेन बोरा के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनावों के ऐन मौके पर एक बड़ा आघात लगा है। हालांकि, कांग्रेस यह कहती हुई नजर आ रही है कि भूपेन बोरा के जाने से पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन माना जा रहा है कि पहले से कमजोर कांग्रेस पार्टी चुनाव में और कमजोर होगी। भूपेन बोरा ने भी आज कहा है कि जैसे ही कांग्रेस पार्टी के द्वारा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होगा, उसके बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस के बड़े नेता भाजपा का दामन थाम लेंगे।
इस मौके पर डॉ. संजू बरुवा ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। डॉ. बरुवा भी कांग्रेस पार्टी का त्याग कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।--------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय