आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में मिलावटी दूध से पांच लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने किया मुआवज़े का ऐलान

23 Feb 2026 19:02:53
Satya kumar


राजमुंदरी, 23 फ़रवरी (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राजमुंदरी के चौदेश्वरी नगर और स्वरूप नगर में स्थानीय लोगों के बीमार पड़ने की घटना पर विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि लाला चेरुवु इलाके में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में वरलक्ष्मी डेयरी के मिलावटी दूध के सेवन से लोगों के बीमार पड़ने की पुष्टि हुई है। इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्वी गोदावरी की जिलाधिकारी कीर्ति चेकुरी ने बताया कि कुल 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की गई थी। इनमें से 12 लोगों में किडनी से जुड़ी समस्या पाई गई और पांच लोगों की मौत हो गई। 73 लोगों के रक्त नमूने लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट जल्द ही आने की संभावना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि दूध के नमूने जांच के लिए हैदराबाद भेजे गए हैं, जबकि विष विज्ञान परीक्षण (टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट) के लिए पीड़ितों के खून और यूरिन के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट दो से तीन दिनों में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, 15 फरवरी से राजमुंदरी के चौदेश्वरी नगर और आसपास के इलाकों में 14 लोगों को उल्टी, पेशाब न हो पाने, पेट फूलने और अन्य गंभीर लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मांची राधा कृष्णमूर्ति, यल्ला शेषगिरी राव, तड़ी रमानी, तड़ी कृष्णवेणी और कनक रत्नम की मृत्यु हो गई। यल्ला शेषगिरी राव (72) और राधा कृष्णमूर्ति (74) ने सोमवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि बाकी के अन्य तीन लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी।

राजमुंदरी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में चार बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है और दो वेंटिलेटर पर हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और पीड़ितों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती सभी लोग एक ही व्यक्ति से दूध ले रहे थे। कुछ लोगों ने दूध और दही का स्वाद कड़वा होने की शिकायत की थी। पुलिस ने कोरुकोंडा मंडल के गणेश नामक दूध व्यापारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस बीच आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव ने भी विधानसभा में बताया कि प्राथमिक जांच में पीड़ितों के शरीर में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है, जो किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव का संकेत है। एहतियातन स्थानीय वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी से दूध की आपूर्ति पूरे शहर में रोक दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राहत कार्यों के लिए एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। प्रभावित परिवारों के अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / नागराज राव

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