केंद्र ने आंध्र प्रदेश में इंटरनेट की पहुंच मजबूत करने के लिए राज्य से किया समझौता, 2,432 करोड़ की दी मंजूरी

23 Feb 2026 12:44:53
भारतनेट संशोधित कार्यक्रम पर सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते आंध्र प्रदेश सरकार और डिजिटल भारत निधि के अधिकारी। साथ में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू


नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में ग्रामीण दूरसंचार ढांचे को सुदृढ़ और उन्नत करने के लिए राज्य सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके लिए केंद्र ने राज्य के लिए ग्रामीण दूरसंचार ढांचे को सुदृढ़ और उन्नत करने के लिए 2,432 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार की इकाई डिजिटल भारत निधि और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच भारतनेट संशोधित कार्यक्रम को तेजी से लागू करने के लिए रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय, तडेपल्ले (गुंटूर) में हुए इस समौझौते में राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर मौजूद रहे। समझौते पर डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्यामल मिश्रा और आंध्र प्रदेश सरकार के विशेष मुख्य सचिव (बुनियादी ढांचा एवं निवेश विभाग) मोव्वा तिरुमाला कृष्णा बाबू ने हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम 1.39 लाख करोड़ रुपये की सार्वजनिक निधि से चलने वाली योजना है, जिसका लक्ष्य देश के हर गांव तक फाइबर और ब्रॉडबैंड पहुंचाना है। उन्होंने इसे तकनीक का लोकतंत्रीकरण बताया। राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर ने कहा कि यह समझौता ग्रामीण इलाकों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मजबूत करेगा और लोगों को सस्ती व भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

राज्य के मुख्यमंत्री नायडू ने इसे राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा में मील का पत्थर बताया और कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और ई-शासन की सेवाओं में सुधार होगा। उल्लेखनीय है कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश में 13,426 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा। इसमें पहले चरण की 1,692 ग्राम पंचायतों को अपग्रेड करना, दूसरे चरण की 11,254 ग्राम पंचायतों को शामिल करना और 480 नई ग्राम पंचायतों को जोड़ना शामिल है। साथ ही 3,942 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी। इस पहल से 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को फाइबर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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