
नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने नई दिल्ली के कोचिंग संस्थान वाजीराव एंड रेड्डी पर भ्रामक विज्ञापनों के लिए 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। संस्थान पर दो साल में दूसरी बार जुर्माना लगाया गया है।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक वाजिराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट कोचिंग संस्थान ने अपने विज्ञापनों में दावा किया था कि 2023 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सफल उम्मीदवार उसके संस्थान से पढ़े थे। इस पर सीसीपीए ने कोचिंग संस्थान पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए अंतिम आदेश पारित किया है। प्राधिकरण ने पाया कि संस्थान ने जानबूझकर अपने विज्ञापनों में सफल उम्मीदवारों के विशिष्ट पाठ्यक्रम को छिपाया था।
सीसीपीए के मुताबिक इस संस्थान ने 16 अप्रैल, 2024 को परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद यूपीएससी सीएसई 2023 के सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरों के साथ निम्नलिखित दावे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किए थे। प्राधिकरण ने गौर किया कि संस्थान ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विभिन्न पाठ्यक्रमों का विज्ञापन भी किया, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रामक धारणा पैदा हुई कि सभी सफल उम्मीदवारों ने संस्थान के नियमित पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया था।
वाजिराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट पर पहले भी यूपीएससी सीएसई 2022 के परिणामों से संबंधित भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद संस्थान ने विज्ञापनों में इसी तरह के दावे करना जारी रखा। उल्लंघन की पुनरावृत्ति को देखते हुए अब फिर अधिक जुर्माना लगाना आवश्यक था। सीसीपीए ने अबतक भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार तरीकों के लिए विभिन्न कोचिंग संस्थानों को 57 नोटिस जारी किए हैं। 29 कोचिंग संस्थानों पर 1,24,60,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें इस तरह के भ्रामक दावों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर