

-कारोबारी अनवर ढेबर भी गिरफ्तार
रायपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास(डीएमएफ) घोटाला मामले में आज (सोमवार) आरोपित पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को रायपुर में विशेष एसीबी/ईओडब्ल्यू अदालत में पेश किया गया। जहां से 26 फरवरी 2026 तक की पुलिस रिमांड की अनुमति दी गई है। यह कार्रवाई ब्यूरो ने दर्ज अपराध की विस्तृत जांच के बाद की है।
जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूत, दस्तावेज और गवाहों के बयानों से यह सामने आया है कि आरोपित ने डीएमएफ फंड से जुड़े काम अपने परिचित लोगों और फर्मों तथा को कमीशन लेकर दिलवाए। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपित के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े अपराध प्रथम दृष्टया पाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब फंड आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं। मामले में अन्य अधिकारियों और संबंधित फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
इसके अलावा शराब घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने कारोबारी अनवर ढेबर को भी गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ। यह पैसा शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलना था, लेकिन कर्मचारियों तक पूरी रकम नहीं पहुंची। ब्यूरो के अनुसार आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7बी, 8 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत प्रकरण दर्ज है।
आरोप है कि एजेंसियों के जरिए इस पैसे का कुछ हिस्सा अवैध कमीशन के रूप में निकाला और बांटा गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि यह कमीशन आखिरकार आरोपित अनवर ढेबर तक पहुंचाया जाता था। आरोपित को सोमवार विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा