2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए गुणवत्ता ही कुंजी: गोयल

23 Feb 2026 19:46:53
राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन 2026 को वर्चुअल संबोधित करते पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्ता भारत के विनिर्माण और निर्यात तंत्र का मूलमंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए गुणवत्ता ही कुंजी है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन 2026 को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'शून्य दोष, शून्य प्रभाव' के विजन को भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने का मूल आधार बताया।

गोयल ने इस पहल को प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ते हुए कहा कि 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की भारत की महत्वाकांक्षा तीन स्तंभों पर टिकी है, जिसमें शून्य दोष (गुणवत्ता), शून्य प्रभाव (स्थिरता) और समान अवसर (समावेशिता) है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का शून्य दोष, शून्य प्रभाव का विजन अमृत काल में भारत के विकास की आधारशिला बनेगा।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के सहयोग से आयोजित पहले राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी देश केवल उपभोक्ता बनकर प्रगति नहीं कर सकता। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उसे उच्च गुणवत्ता वाले सामान और सेवाओं के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त उत्पादक के रूप में अपनी पहचान स्थापित करनी होगी।

गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रांड इंडिया गुणवत्ता, विश्वसनीयता और भरोसे का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार वर्षों से विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है और अगले दो से ढाई वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी जीडीपी वाला देश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश का 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य, जिसमें अगले छह से सात वर्षों के भीतर एक ट्रिलियन डॉलर का सामान और 1 ट्रिलियन डॉलर की सेवाएं शामिल हैं, केवल उच्च गुणवत्ता मानकों के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।

वाणिज्य मंत्री ने उद्योग जगत से उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ बाजार पहुंच का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 38 विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते एफटीए वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई हिस्से को कवर करते हैं। गोयल ने अपने संबोधन में विनिर्माण इको सिस्टम में गुणवत्ता को संस्थागत रूप देने के लिए पांच स्तंभ रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुणवत्ता सम्मेलन में क्षेत्र-विशिष्ट परामर्श और गुणवत्ता मंथन संवादों के जरिए 20 से अधिक शहरों, 14 समूहों और 50 से अधिक नियामकीय निकायों को शामिल किया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Powered By Sangraha 9.0