
नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को ने तमिलनाडु स्थित वीओ चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में समुद्री विरासत संग्रहालय का उद्घाटन किया गया। रेल और सड़क संपर्क परियोजनाओं की शुरुआत हुई। ऊर्जा और हरित परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। सोनोवाल ने कहा कि ये परियोजनाएं बंदरगाह को हरित, आधुनिक और वैश्विक प्रतिस्पर्धी समुद्री केंद्र के रूप में विकसित करेंगी। बंदरगाह को भविष्य के लिए तैयार करेंगी। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। बंदरगाह की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि इससे भारत के समुद्री क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने वीओसी समुद्री विरासत संग्रहालय का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय स्वतंत्रता सेनानी वीओ चिदंबरनार की विरासत को समर्पित है। इससे समुद्री इतिहास की जानकारी मिलेगी। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सोनोवाल ने कहा कि परियोजनाओं में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण और हरित हाइड्रोजन शामिल हैं। वीओसी पोर्ट देश का पहला बंदरगाह है, जहां हरित हाइड्रोजन का उत्पादन और उपयोग शुरू हुआ है। इसका पायलट परियोजना 2025 से संचालित है। इसे 2029 तक व्यावसायिक स्तर पर विकसित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि बंदरगाह पर डिजिटल ट्विन प्रणाली लागू की गई है। इससे वास्तविक समय में निगरानी होगी। रखरखाव बेहतर होगा। संचालन में दक्षता बढ़ेगी। सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन प्रणाली भी लगाई गई है।
सोनोवाल ने कहा कि आउटर हार्बर परियोजना से बड़े जहाजों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे व्यापार बढ़ेगा। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच बंदरगाह पर कार्गो हैंडलिंग 6 प्रतिशत बढ़कर 35.97 मिलियन टन हो गई। कंटेनर यातायात 9.4 प्रतिशत बढ़कर 7.16 लाख टीईयू से अधिक हो गया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक लागत कम होगी। निवेश बढ़ेगा। रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर