इजरायली संसद में मोदी के संबोधन का बहिष्कार करेगा विपक्ष

24 Feb 2026 19:18:53

यरुशलम, 24 फ़रवरी (हि.स.)। इजरायल के विपक्षी दलों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के दौरान इज़रायली संसद में होने वाले उनके संबोधन के बहिष्कार की घोषणा की है।

इज़रायली मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद नेस्सेट के अध्यक्ष आमिर ओहाना ने देश के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष यित्ज़हाक अमित को प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया है। इस निर्णय को देश के विपक्षी दल न्यायपालिका की अवमानना एवं अनदेखा किये जाने के रूप में देख रहे हैं और इसीलिए उन्होंने भी नेस्सेट में इस विशेष सत्र का बहिष्कार करने का एलान किया है।

बताया जा रहा है कि इज़रायली संसद में विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में करीब आधा सदन खाली दिखाई देगा जो प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी अच्छा संदेश नहीं होगा। इज़रायली सत्तापक्ष का मानना है कि इससे मेहमान नेता को गलत कूटनीतिक संदेश जा सकता है।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घरेलू राजनीति में भारत जैसे मित्र देश पर कीचड़ उछालने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेस्सेट में खाली सीटों को भरने के लिए आमिर ओहाना पूर्व सांसदों को बुलाने पर विचार कर रहे हैं।

इस बीच विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उनका विरोध भारत या प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने अपने देश के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष यित्ज़हाक अमित को आमंत्रित किया जाए ताकि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के कार्यक्रम में शामिल हो सके।

सरकार के इस निर्णय को लेकर कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मीलई जैसे नेताओं के संबोधन में भी सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया था लेकिन तब विपक्ष ने बहिष्कार नहीं किया था। अब विपक्ष की इस अनोखी ज़िद से भारत-इज़रायल संबंधों को नुकसान हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी से इज़रायल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और इजराइली संसद नेस्सेट को संबोधित भी करेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह 12:45 बजे तेल अवीव पहुंचेंगे। आगमन पर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच संक्षिप्त मुलाकात होगी। पहले दिन प्रधानमंत्री नेस्सेट को संबोधित करने के अलावा भारतीय मूल के लोगों के साथ एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। रात्रि में वह प्रधानमंत्री नेतन्याहू द्वारा आयोजित निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे।

यात्रा के दूसरे दिन 26 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी यरुशलम स्थित याद वाशेम जाकर होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जहां नाज़ी अत्याचारों में मारे गए लाखों यहूदियों की स्मृति संरक्षित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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