
- छह सदस्यीय दल ने 22 फरवरी को दोपहर 2:10 बजे सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की
नई दिल्ली, 24 फरवरी (हि.स.)। भारतीय पर्वतारोहियों के छह सदस्यीय दल ने दक्षिण अमेरिका के सबसे ऊंचे शिखर और एशिया के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकागुआ पर फतह हासिल कर ली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह दल 5 फरवरी को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली से रवाना किया था, जिसने 22 फरवरी को दोपहर 2:10 बजे सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की।
उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) और पहलगाम के जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस) की ओर से यह संयुक्त अभियान संचालित किया गया। नई दिल्ली से रवाना हुए छह सदस्यीय दल में कर्नल हेमचंद्र सिंह, कैप्टन जी संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसैन, नायब सिपाही भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार हैं। इन सभी ने दक्षिण अमेरिका के सबसे ऊंचे शिखर और एशिया के बाहर दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकागुआ पर तिरंगा फहराकर भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
कर्नल हेमचंद्र सिंहके नेतृत्व में यह दल 8 फरवरी को अर्जेंटीना पहुंचा और वहां से अपनी चढ़ाई शुरू की और 22 फरवरी को दोपहर 2:10 बजे सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। इस दल ने माउंट एकांकागुआ की बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करने से पहले वातावरण के अनुकूल ढलने के लिए बोनेट पीक (5,050 मीटर) पर विजय प्राप्त की। कैप्टन जी संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाई, नायब सिपाही भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार सहित दल के सदस्यों ने तेज हवाओं और -20 डिग्री से -30 डिग्री सेल्सियस तापमान की चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करते हुए असाधारण साहस, आपसी सहयोग और तालमेल के साथ पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम