(लीड) संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक हरियाणा के समालखा में 13-15 मार्च तक

24 Feb 2026 18:13:54
सुनील आंबेकर (फाइल फोटो)


समालखा (हरियाणा), 24 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शीर्ष नीति-निर्धारक इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय इस बैठक में देशभर से संघ के पदाधिकारी भाग लेंगे।संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के मुताबिक हरियाणा के समालखा के पट्टीकल्याण स्थित ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र में 13 से 15 मार्च तक इस बैठक का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह सरकार्यवाह एवं अन्य पदाधिकारियों सहित कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहेंगे। बैठक में मुख्य रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रांत एवं क्षेत्र स्तर के प्रमुख पदाधिकारी सहित कुल 1489 पदाधिकारी अपेक्षित हैं। बैठक में संघ प्रेरित विविध 32 संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री एवं संगठन मंत्री भी अपेक्षित रहेंगे। इन संगठनों में विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, विद्या भारती, राष्ट्र सेविका समिति और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आदि शामिल हैं।

आंबेकर के मुताबिक यह वर्ष संघ शताब्दी वर्ष का होने के नाते शताब्दी निमित्त आयोजित विजयादशमी उत्सव, गृहसंपर्क, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक गोष्ठी, सामाजिक सद्भाव बैठकें आदि कार्यक्रमों तथा अभियानों के वृत्तांत के साथ-साथ अनुभवों की बैठक में चर्चा की जाएगी।

संघ के प्रचार विभाग के मुताबिक प्रतिनिधि सभा में वर्ष 2025–26 के संघ कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कार्य विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण और प्रशिक्षण की रणनीति पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। अप्रैल से जून के बीच आयोजित होने वाले संघ शिक्षा वर्गों की रूपरेखा और प्रभावशीलता भी बैठकी कार्यसूचि मे शामिल रहेगी। इसके अलावा बैठक में देश की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श कर प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है। डॉ. भागवत के देशव्यापी प्रवास के दौरान उठे विभिन्न विषयों पर भी प्रतिनिधि सभा में चर्चा होने वाली है।

सूत्रों ने बताया कि डॉ. भागवत और होसबाले 8 मार्च तक समालखा पहुंच जाएंगे। मुख्य बैठक के उपरांत 17 मार्च तक चलने वाली विभिन्न आंतरिक बैठकों में भी वे भाग लेंगे। यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक बदलावों पर निर्णायक कदम उठाए जा सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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