
नई दिल्ली, 25 फरवरी (हि.स)। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े 27 फरवरी को जारी किए जाएंगे। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय अब नई सीरीज के आधार पर जीडीपी का आंकड़े जारी करेगा।
आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि केंद्र सरकार 27 फरवरी से जीडीपी गणना का नया तरीका लागू कर रही है। केंद्र सरकार ने बेस ईयर 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है, जिसके तहत जीडीपी के आंकड़े जारी होंगे। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई के बाद जीडीपी आंकड़े के लिए बेस ईयर 2022-23 होगा, जिसमें सटीकता के लिए 'डबल डिफ्लेशन' और 500-600 आइटम्स का इस्तेमाल होगा।
इसके अलावा सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान 27 फरवरी को जारी कर सकता है। इनमें नए आंकड़े और संशोधन शामिल होंगे। इसलिए पहले और दूसरी तिमाही के सभी पुराने आंकड़े भी नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार बदल सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडपी में 7.4 फीसदी की वृद्धि दर रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में में जीडीपी वृद्धि दर 6.5 फीसदी थी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मंगलवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 8.1 फीसदी के करीब रहने का अनुमान जताया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर