डीजीसीए ने एयर टिकट रिफंड के नियम बदले, बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल रिफंड

26 Feb 2026 18:24:53
हवाई जहाज के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 26 फरवरी (हि.स)। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव किया है। इसके तहत यात्री अब कुछ शर्तों के अधीन बुकिंग के 48 घंटों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के हवाई टिकट रद्द या बदल सकते हैं।

नए नियमों के मुताबिक अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। नियमों में संशोधन करते हुए डीजीसीए ने यह भी कहा कि यदि यात्री बुकिंग के 24 घंटों के भीतर किसी प्रकार की गलती को बताता है और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया गया है, तो विमानन कंपनियों को उसी व्यक्ति के नाम पर सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए।

डीजीसीए ने कहा कि ट्रैवल एजेंट/पोर्टल के जरिए टिकट खरीदने की स्थिति में पैसे वापसी की जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनियों की होगी, क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैसे वापस करने की प्रक्रिया 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाए। इसके अलावा चिकित्सा आपात स्थिति के कारण यात्रियों के टिकट रद्द करने के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। ये नियम 24 फरवरी को जारी किए गए थे। अब एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को टिकट बुक करने के बाद 48 घंटे की अवधि के लिए ‘लुक इन’ यानी उसे अद्यतन करने का विकल्प प्रदान करें।

नियामक ने कहा कि जब टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के जरिए बुक किया जाता है, यह सुविधा उन उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिनकी प्रस्थान तिथि घरेलू उड़ानों के मामलों में बुकिंग की तारीख से सात दिन से कम और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 15 दिन से कम है। बुकिंग समय के 48 घंटे बाद यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन के लिए टिकट रद्द कराने को लेकर संबंधित शुल्क का भुगतान करना होगा। नियामक के अनुसार चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द होने की स्थिति में एयरलाइन कंपनी पैसा वापस कर सकती है या ‘क्रेडिट’ विकल्प प्रदान कर सकती हैं। इसके तहत यदि यात्री या उसी पीएनआर में सूचीबद्ध परिवार का कोई सदस्य यात्रा के दौरान अस्पताल में भर्ती होता है, तो यह नियम लागू होगा।

दरअसल, दिसंबर, 2025 में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के दौरान भी टिकट वापसी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उस समय नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिफंड करने का निर्देश दिया था। अनुसूचित विमानन कंपनियों को दिसंबर में यात्रियों से संबंधित कुल 29,212 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7.5 प्रतिशत ‘रिफंड’ से संबंधित थीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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