

जैसलमेर, 26 फरवरी (हि.स.)। भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की टुकड़ियों ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अभ्यास अग्नि वर्षा का आयोजन किया, जिसमें रेगिस्तानी क्षेत्र में उनकी परिचालन तत्परता एवं समेकित युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) ले. कर्नल निखिल धवन के अनुसार इस अभ्यास के माध्यम से संयुक्त हथियारों के समन्वित प्रयोग, दीर्घ दूरी की सटीक मारक क्षमता तथा नेटवर्क-सक्षम कमांड एवं कंट्रोल प्रणाली को वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में परखा गया। समेकित फायर एवं मैन्युवर अभ्यास ने बहु-डोमेन वातावरण में निर्बाध रूप से कार्यरत मैकेनाइज्ड सेनाओं की युद्धक प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया। 25 देशों से आए विदेशी रक्षा पत्रकारों ने इस अभ्यास को प्रत्यक्ष रूप से देखा और थार मरुस्थल में भारतीय सेना की संयुक्त हथियार संरचनाओं द्वारा प्रदर्शित गति, सटीकता तथा समन्वय का अनुभव प्राप्त किया।
अभ्यास अग्नि वर्षा में समकालीन युद्धक्षेत्र प्रौद्योगिकियों की विस्तृत श्रृंखला को शामिल किया गया, जिनमें मानवरहित हवाई प्रणालियां, काउंटर-ड्रोन उपाय, सटीक प्रहार रॉकेट, आधुनिक तोपखाना प्लेटफॉर्म तथा नेटवर्क आधारित निगरानी संसाधन सम्मिलित थे। समेकित मैन्युवर फोर्स में टी-90 मुख्य युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, के-9 वज्र स्व-चालित होवित्जर, शारंग एवं बोफोर्स तोप प्रणालियां, रॉकेट प्लेटफॉर्म, स्वदेशी एएलएच वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड हेलीकॉप्टर, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर तथा विभिन्न निगरानी एवं स्ट्राइक ड्रोन शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव