आईएनएस विक्रांत पर भव्य समारोह के साथ खत्म हुआ बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'मिलन'

26 Feb 2026 18:05:53
विशाखापत्तनम के पूर्वी तट पर बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'मिलन' का नजारा


- विदेशी मित्र देशों की नौसेनाओं ने भी सामरिक युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया

नई दिल्ली, 26 फरवरी (हि.स.)। विशाखापत्तनम के पूर्वी तट पर बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'मिलन' भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर भव्य समारोह के साथ खत्म हो गया। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना ने 70 से अधिक नौसेनाओं के साथ अपनी समुद्री ताकत, व्यावसायिकता और वैश्विक साझेदारी का प्रदर्शन किया। इसमें अभ्यास के सफल समापन और बंगाल की खाड़ी में पक्के रिश्तों का जश्न मनाया गया।

समापन समारोह की अध्यक्षता पूर्वी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद ने की। अभ्यास में हिस्सा लेने वाली सभी इकाइयों के नौसैनिक अधिकारी इस सेरेमनी में शामिल हुए। ‘कैमरेडरी, कोऑपरेशन, कोलैबोरेशन’ थीम के तहत हुए 'मिलन' में 42 जहाजों और पनडुब्बियों और 29 एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया। अभ्यास में हिस्सा लेने वाले मित्र देशों के भी 18 जहाज शामिल हुए। मित्र देशों के जहाजों पर इंटीग्रल हेलीकॉप्टर के अलावा फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट ने भी हिस्सा लिया।

यह अभ्यास समुद्री और बंदरगाह चरणों के साथ संपन्न हुआ। शुरुआती बंदरगाह चरण में दो तरफा बातचीत, विषय वस्तु विशेषज्ञ विनिमय कार्यक्रम और अंतरराष्ट्री समुद्री संगोष्ठी हुई। पेशेवर बातचीत के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्रॉस-डेक और आउटस्टेशन विजिट भी हुए। तकनीकी प्रदर्शन और युवा अधिकारियों की आपसी बातचीत ने सर्वोत्तम प्रथाओं के लेनदेन को आसान बनाया, जबकि मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम ने बातचीत को मुमकिन बनाया। इसके बाद हुए समुद्री चरण में उच्च-तीव्रता परिचालन अभ्यास हुआ, जिसमें उन्नत युद्ध अनुशासन पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अभ्यास के दौरान एकीकृत वायु रक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास, सतही हमला समन्वय, संचार अभ्यास और क्रॉस-डेक फ्लाइंग ऑपरेशन शामिल किए गए, जिससे अंतर संचालनीय और सामूहिक तत्परता बढ़ी। सरफेस गन शूट और ड्रिल के हिस्से के तौर पर लाइव फायरिंग के साथ-साथ एंटी-एयर फायरिंग भी की गईं। समुद्र में वास्तविक समय समन्वय, संयुक्त मिशन योजना और सैन्य सहायता पर जोर दिया गया। भारतीय नौसेना के जहाजों के साथ-साथ विदेशी मित्र देशों की नौसेनाओं ने भी सामरिक युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर समापन समारोह के दौरान अभ्यास में भाग लेने वाले जहाजों के कमांडिंग ऑफिसर्स ने भारतीय नौसेना के पेशेवर व्यवहार और अभ्यास के लिए बनाई गई योजना को सराहा। उन्होंने एकमत से कहा कि अभ्यास ने अपने प्रशिक्षण और ऑपरेशनल मकसद को पूरी तरह से हासिल कर लिया है, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी, आपसी समझ और सामूहिक समुद्री तैयारी में काफी बढ़ोतरी हुई है। बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'मिलन' का सफल समापन सुरक्षित समुद्र के लिए कोऑपरेटिव सिस्टम को मजबूत करने, स्थायी पार्टनरशिप को बढ़ावा देने की दिशा में भाग लेने वाली नौसेनाओं की साझा प्रतिबद्धता का सबूत है। ------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम

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