इजराइल में प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी देखने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, नवाचार साझेदारी को बताया भविष्य की कुंजी

26 Feb 2026 11:54:53
यरुशलम में प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।


यरुशलम में प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू।


नई दिल्ली, 26 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरुशलम में आयोजित एक विशेष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का दौरा किया। इसमें कृषि, जल, जलवायु, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, क्वांटम और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में इजराइल के अत्याधुनिक नवाचार प्रदर्शित किए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये प्रौद्योगिकियां भारत-इजराइल नवाचार साझेदारी को नई ऊंचाई दे सकती हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, 25 फरवरी की शाम को आयोजित प्रदर्शनी में अग्रणी कंपनियों, स्टार्ट-अप और अनुसंधान संस्थानों ने अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, तकनीकी उद्यमियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से सीधे बातचीत की और उनकी तकनीकों की कार्यप्रणाली को समझा।

प्रदर्शनी में क्वांटम और डीप टेक क्षेत्र में क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े समाधानों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में एआई आधारित अल्ट्रासाउंड तकनीक प्रस्तुत की गई, जो मरीजों के निदान में रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है। इसके अलावा एआई आधारित जोखिम पहचान और भविष्य के रुझानों के विश्लेषण से जुड़े उपकरण भी दिखाए गए।

स्मार्ट मोबिलिटी क्षेत्र में ऐसी सेंसर और चिप तकनीक प्रदर्शित की गई, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उन्नत डिजिटल सुरक्षा समाधान और भारत के साथ सहयोग से जुड़े नवाचार प्रस्तुत किए गए।

जल और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आधारित तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें हवा से पीने का पानी बनाने की तकनीक, गुरुत्वाकर्षण आधारित सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और बिना बिजली के फसल कटाई के बाद नुकसान कम करने के समाधान शामिल रहे। जलवायु और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रयोगशाला में तैयार दूध प्रोटीन, माइक्रोएल्गी आधारित उत्पादन और जैव-आधारित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीक भी प्रदर्शित की गई।

ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र में खनिज संसाधनों के आकलन के लिए उच्च-सटीकता मॉडलिंग तकनीक दिखाई गई। अंतरिक्ष क्षेत्र में लघु संचार उपग्रह और सिंथेटिक अपर्चर रडार तकनीक का प्रदर्शन किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन अत्याधुनिक तकनीकों में भारत-इजराइल के बीच नवाचार, स्टार्ट-अप और व्यापार साझेदारी को व्यापक बनाने की बड़ी क्षमता है। उन्होंने विशेष रूप से कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने इजराइली कंपनियों को भारत में निवेश करने, निर्माण इकाइयां स्थापित करने और प्रौद्योगिकी साझेदारी विकसित करने के लिए आमंत्रित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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