प्रख्यात नेत्र चिकित्सक पद्मश्री बीके जैन की पार्थिव देह पहुंची चित्रकूट, अंतिम संस्कार आज

28 Feb 2026 12:00:53
सदगुरु सेवा संघ का शोक संदेश।


चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) , 28 फरवरी (हि.स.)। देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से अलंकृत प्रख्यात नेत्र चिकित्सक श्री सदगुरु सेवा संघ चित्रकूट के निदेशक, ट्रस्टी और रायपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. बीके जैन (बुधेंद्र कुमार जैन) नहीं रहे। उनकी पार्थिव देह मुंबई से चित्रकूट पहुंच चुकी है। उनका अंतिम संस्कार आज जानकीकुंड में होगा। ट्रस्ट और परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मई 2025 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया था।

सदगुरु सेवा संघ ने बयान में कहा, '' श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट अत्यंत दुख और भारी हृदय के साथ पद्मश्री डॉ. वीके जैन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। वे प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञ, संवेदनशील समाज सुधारक और हमारे आदरणीय ट्रस्टी और निदेशक थे। पांच दशकों से अधिक समय तक चित्रकूट तपोभूमि पर उनकी निष्ठापूर्ण और तपस्वी सेवाओं ने लाखों लोगों को दृष्टि ही नहीं जीवन जीने की नई आशा और आत्मविश्वास प्रदान किया। उनके अथक परिश्रम और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के नेत्र चिकित्सा संस्थानों में से एक की स्थापना और निरंतर विकास में अमूल्य योगदान दिया।''

बयान में कहा गया है, '' उनकी करुणा, सेवाभाव और मानवीय संवेदनाएं सदैव हमारे लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें और हमें उनके आदर्शों पर चलने की शक्ति दें। ॐ शांति। '' परिजनों ने बताया कि डॉ. जैन पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थे। उनका इलाज मुंबई में चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार, वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद शुक्रवार शाम 4:24 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

डॉ. जैन का जन्म 05 दिसंबर 1948 को महाराष्ट्र में हुआ था। वर्ष 1970 में वे चित्रकूट आए और स्वामी रणछोड़दास महाराज के सानिध्य में रहकर नेत्र चिकित्सा सेवा को पूरी तरह समर्पित हो गए। उनका पार्थिव शरीर आज सुबह चित्रकूट आ चुका है। डॉ. जैन का अंतिम संस्कार आज दोपहर बाद जानकीकुंड में होगा।

उनके निधन पर बांदा से सांसद कृष्णा देवी पटेल, सतना से सांसद गणेश सिंह, बांदा के पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, सर्वोदय कार्यकर्ता अभिमन्यु भाई और पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय ने श्रद्धांजलि व्यक्त की है। अभिमन्यु भाई ने कहा कि डॉ. जैन ने चित्रकूट (मध्य प्रदेश) स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक के रूप में 50 से अधिक वर्षों तक ग्रामीण और वंचित आबादी के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराई।

पाण्डेय ने कहा भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट के लिए 27 फरवरी का दिन दुखद साबित हुआ। इसी तारीख को वर्ष 2010 में प्रख्यात समाजसेवी नानाजी देशमुख का निधन हुआ था। संत समाज और स्थानीय लोग इसे चित्रकूट के लिए अपूरणीय क्षति मान रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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