मॉस्को/तेहरान, 28 फरवरी (हि.स.)। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच 28 फरवरी को ईरान की पहल पर रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इस वार्ता में क्षेत्र की ताजा स्थिति और अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर चर्चा की गई।
अब्बास अराघची ने रूसी समकक्ष को ईरानी नेतृत्व द्वारा अमेरिका और इजराइल की “आक्रामक कार्रवाई” का जवाब देने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन हमलों के कारण ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चल रही वार्ताएं एक बार फिर बाधित हुई हैं।
अराघची ने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
वहीं, सरगेई लावरोव ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को “अकारण सशस्त्र हमला” बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और मानकों का उल्लंघन है तथा इससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता व सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
लावरोव ने इस बात पर जोर दिया कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए और स्थिति को राजनीतिक तथा कूटनीतिक समाधान की दिशा में वापस लाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित विभिन्न मंचों पर, अंतरराष्ट्रीय कानून, पारस्परिक सम्मान और हितों के संतुलन के आधार पर शांतिपूर्ण समाधान खोजने में सहयोग देने के लिए तैयार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय