देश में एकीकृत और स्वदेशी कंटेनर परिस्थितियंत्र बनाने के लिए हुआ समझौता, सर्बानंद सोनोवाल और अश्विनी वैष्णव ने बताया अहम

युगवार्ता    03-Feb-2026
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देश में एकीकृत और स्वदेशी कंटेनर परिस्थितियंत्र बनाने के लिए हुआ समझौता, सर्बानंद सोनोवाल और अश्विनी वैष्णव ने बताया अहम


नई दिल्ली, 03 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश में एकीकृत और स्वदेशी कंटेनर परिस्थितियंत्र बनाने के लिए भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (बीसीएसएल) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने समझौता भारतीय शिपिंग निगम (एससीआई), कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण, वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण, चेन्नई पोर्ट प्राधिकरण और सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएमएफसीएल) के साथ किया। इस अवसर पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित रहे। समारोह में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर भी मौजूद थे।

मंत्रालय ने यह समझौता केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग असिस्टेंस स्कीम (सीएमएएस) को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में अहम l है।

साथ ही वीओ चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण (तूतीकोरिन) में आउटर हार्बर परियोजना के वित्तपोषण के लिए एक अलग त्रिपक्षीय एमओयू भी किया गया। समझौता वीओसी पोर्ट प्राधिकरण, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरएफसी) और एसएमएफसीएल के बीच हुआ है। इसके तहत सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत पत्तन क्षमता विस्तार के लिए अधिकतम 15,000 करोड़ रुपये तक की संयुक्त वित्तीय व्यवस्था की जाएगी। यह फंडिंग मुख्य रूप से ब्रेकवाटर निर्माण और संबंधित ऑनशोर-ऑफशोर सुविधाओं के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि बीसीएसएल और आउटर हार्बर परियोजना से जुड़े ये दोनों समझौते राष्ट्रीय शिपिंग क्षमता को मजबूत करने, पत्तन अवसंरचना के विस्तार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में रणनीतिक कदम हैं। ये पहलें समुद्री अमृत काल 2047 के विजन के अनुरूप भारत की वैश्विक समुद्री उपस्थिति को सुदृढ़ करेंगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह एक लंबे समय से लंबित दृष्टि का साकार रूप है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में परियोजनाओं को तेजी और दक्षता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉनकोर के सहयोग से विकसित की जा रही यह नई कंटेनर शिपिंग लाइन देश में विश्वस्तरीय कंटेनर इकोसिस्टम के निर्माण में सहायक होगी।

राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि ये दोनों एमओयू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाते हैं, जिनके कारण भारत न केवल भूमि पर बल्कि समुद्र में भी एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक इसका सकल घरेलू उत्पाद लगभग 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इससे निर्यात-आयात और कंटेनर कार्गो यातायात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक एक मजबूत भारतीय कंटेनर शिपिंग लाइन के अभाव में निर्यातकों और आयातकों को अस्थिर वैश्विक भाड़ा दरों और आपूर्ति श्रृंखला के झटकों का सामना करना पड़ता रहा है, जिसे बीसीएसएल के माध्यम से दूर करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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