एनपीजी ने सड़क,परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 7 परियोजनाओं की समीक्षा की

युगवार्ता    04-Feb-2026
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प्रधानमंत्री गतिशक्ति के लोगो का प्रतीकात्‍मक चित्र


नई दिल्‍ली, 04 फरवरी (हि.स)। नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 108वीं बैठक उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) में आयोजित की गई। इस बैठक में एनपीजी ने सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 7 परियोजनाओं की समीक्षा की।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि डीपीआईआईटी में एनपीजी की 108वीं बैठक आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन करना था। बैठक में विशेष रूप से प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस एनएमपी) के अनुरूप बहुआयामी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार पर जोर दिया गया।

मंत्रालय के मुताबिक एनपीजी ने बैठक में एकीकृत बहुआयामी अवसंरचना, आर्थिक और सामाजिक केंद्रों तक अंतिम-मील कनेक्टिविटी और 'संपूर्ण सरकारी' दृष्टिकोण के प्रधानमंत्री गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप 7 सड़क परियोजनाओं का गहन विश्लेषण किया। एनपीजी की इन पहलों से लॉजिस्टिक्स दक्षता में वृद्धि, यात्रा समय में कमी और परियोजना के प्रभाव क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

जिन परियोजनाओं का मूल्यांकन हुआ

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच):- तमिलनाडु में सलेम-कुमारपालयम खंड पर एनएच-544 के छह लेन का निर्माण- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने तमिलनाडु के सलेम-कुमारपालयम खंड पर एनएच-544 के छह लेन वाली सड़क निर्माण परियोजना का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना के तहत सलेम से कुमारपालयम तक 102.035 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो कोच्चि-कोयंबटूर-बेंगलुरु के अत्यधिक व्यस्त मार्ग पर स्थित है।

अमरावती आउटर रिंग रोड का निर्माण (आंध्र प्रदेश):- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश में 189.93 किलोमीटर लंबी अमरावती आउटर रिंग रोड (ओआरआर) विकसित करने की योजना बनाई है। यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करना और विजयवाड़ा, गुंटूर, तेनाली समेत अमरावती राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाना है।

जम्मू-कश्मीर में रफीबाद-कुपवाड़ा-चौकीबल-तंगधार तक पक्की शोल्डर वाली दो लेन सड़क का निर्माण (चौड़ीकरण/मजबूतीकरण) :- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में रफीबाद से कुपवाड़ा व चौकीबल होते हुए तंगधार तक पक्की शोल्डर के साथ 62.10 किलोमीटर लंबी दो लेन सड़क के निर्माण (चौड़ीकरण/मजबूतीकरण) का प्रस्ताव पेश किया है। इस परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करना है।

लेह बाईपास के निर्माण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिसमें पक्के शोल्डर सहित दो लेन की सड़क का निर्माण, स्थानीय प्राधिकरण सहयोग और उपयोगिता स्थानांतरण जैसे पहलू शामिल हैं। यह परियोजना फ्यांग गांव के पास एचपीसीएल संयंत्र से आरंभ होकर लेह-मनाली राजमार्ग से जुड़ते हुए प्रस्तावित है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने लद्दाख में फ्यांग से लेकर 48.108 किलोमीटर लंबे लेह बाईपास-1 का निर्माण करने का प्रस्ताव रखा है, जो एनएच-01 (श्रीनगर-लेह) को एनएच-03 (लेह-मनाली) से जोड़ने वाला एक महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है।

चित्रकूट-मझगवां-सतना खंड (मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश) के लिए मौजूदा दो लेन वाली विभाजित सड़क को चार लेन वाली विभाजित सड़क में बदलने का प्रस्ताव (पक्की शोल्डर सहित)- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले 77.102 किलोमीटर लंबे चित्रकूट-सतना कॉरिडोर को दो लेन की सड़क से चार लेन वाली विभाजित सड़क में बदलने का प्रस्ताव दिया है।

राउरकेला से सिथियो (ओडिशा और झारखंड) तक चार लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग का निर्माण- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ओडिशा और झारखंड के बीच राउरकेला से सिथियो तक 156.10 किलोमीटर लंबे चार-लेन ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। यह मार्ग पांच जिलों से होकर गुजरेगा और इसे प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत आर्थिक केंद्रों को प्रभावी ढंग से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस कॉरिडोर में समुद्री खाद्य क्लस्टर और एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) भी शामिल हैं, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराज्यीय संपर्क को बेहतर बनाया जाएगा।

कन्हौली से शेरपुर (बिहार) तक छह लेन का ग्रीनफील्ड पटना रिंग रोड राजमार्ग (एनएच-131जी) का निर्माण- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पटना रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत कन्हौली से शेरपुर तक 9.98 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण का प्रस्ताव रखा है जो एनएच-30 और एनएच-922 को जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिलेगी और पटना व आस-पास के इलाकों में यातायात जाम में कमी आएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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