
कोलकाता, 04 फरवरी (हि.स.)। विश्व कैंसर दिवस 2026 के अवसर पर चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (सीएनसीआई) ने एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के सहयोग से अपने कोलकाता परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कार्यक्रम में कैंसर उपचार में रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी की बढ़ती भूमिका और इसके भविष्य की दिशा पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर देश के प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्जन और मेडिकल टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद रहे।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख कैंसर संस्थान के रूप में सीएनसीआई लगातार उन्नत चिकित्सा तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रहा है ताकि मरीजों को बेहतर और प्रभावी इलाज मिल सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोबोटिक सर्जरी के क्लीनिकल प्रभाव, उन्नत कैंसर उपचार को लेकर सीएनसीआई की भविष्य की रणनीति और स्वदेशी रोबोटिक प्लेटफॉर्म की भूमिका पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर सीएनसीआई के निदेशक डॉ. जयंत चक्रवर्ती ने कहा कि हर कैंसर मरीज के लिए समय पर और सटीक उपचार न केवल बेहतर परिणाम देता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है। उन्होंने कहा कि सीएनसीआई में हमेशा ऐसी तकनीकों को अपनाने का प्रयास किया गया है, जो चिकित्सकों के काम को आसान बनाए और मरीजों को वास्तविक लाभ पहुंचाए। रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी सर्जनों को अधिक सटीकता के साथ ऑपरेशन करने में मदद करती है और मरीजों के लिए सर्जरी का तनाव भी कम करती है। विश्व कैंसर दिवस पर यह सहयोग मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार को लगातार बेहतर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चर्चा के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि ‘मेड-इन-इंडिया’ चिकित्सा तकनीकें उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से जुड़ी पुरानी चुनौतियों को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं, खासकर महानगरों से बाहर के क्षेत्रों में।
एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल के संस्थापक, चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में कैंसर उपचार को आगे बढ़ाने की बात केवल नवाचार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी पहुंच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उन्नत सर्जिकल तकनीकें केवल बड़े शहरों तक सीमित रहीं, लेकिन एसएस इनोवेशंस का उद्देश्य किफायती और स्वदेशी रोबोटिक सिस्टम विकसित कर उन्हें व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएनसीआई के वरिष्ठ नेतृत्व और सर्जनों ने भी अपने विचार साझा किए। इसमें मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शंकर सेनगुप्ता के अलावा वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. सागर सेन, डॉ. नंदा, डॉ. दिपान्विता बनर्जी और डॉ. संदीप मंडल शामिल थे। उन्होंने क्लीनिकल परिणामों, मरीजों को होने वाले लाभ और उन्नत सर्जिकल तकनीकों को अपनाने में संस्थान की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, एसएसआईआई मंत्रा रोबोटिक प्लेटफॉर्म से जुड़े विशेषज्ञों ने भारत में कैंसर उपचार को आगे बढ़ाने में स्वदेशी रोबोटिक तकनीक की भूमिका पर चर्चा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर