
काठमांडू, 05 फ़रवरी (हि.स.)। लुंबिनी में 29-30 अप्रैल को तीसरा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को हुई लुंबिनी विकास कोष की परिषद बैठक ने लुंबिनी के पर्यटन प्रवर्द्धन और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में लुंबिनी के प्रचार-प्रसार को नई ऊंचाई तक ले जाने के लक्ष्य के साथ इस सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया।
संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा लुंबिनी विकास कोष के अध्यक्ष अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक ने अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन के लिए मूल आयोजक समारोह समिति के गठन को भी मंजूरी दी। लुंबिनी विकास कोष के उपाध्यक्ष डॉ. ल्हारक्याल लामा को संयोजक बनाते हुए 10 सदस्यीय मूल समारोह समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष के लिए सम्मेलन आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का बजट विनियोजित किया है। इससे पहले देश में हुए राजनीतिक और संरचनात्मक परिवर्तनों के कारण नवंबर में प्रस्तावित सम्मेलन को 2570वीं बुद्ध जयंती के अवसर पर आगामी 29-30 अप्रैल को लुंबिनी में आयोजित करने की तैयारी की गई है। समारोह समिति के संयोजक डॉ. लामा ने बताया कि बुद्ध धर्म और दर्शन के माध्यम से विश्व शांति को बढ़ावा देने, दया, करुणा और विश्व बंधुत्व की भावना फैलाने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
सम्मेलन में विश्व के 60 से अधिक देशों से बौद्ध विद्वानों, गुरुओं, विशिष्ट अतिथियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तित्वों की भागीदारी रहने की उम्मीद है। दो दिवसीय सम्मेलन में बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी, कपिलवस्तु तथा बुद्ध से जुड़े क्षेत्रों की धरोहर, लुंबिनी क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति, विश्व बौद्ध धरोहर, बौद्ध शिक्षा और संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा और कार्यपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। लुंबिनी विकास कोष के अनुसार इससे पहले आयोजित पहले और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलनों ने नेपाल के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास