
इंदौर, 06 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से एक और मौत हो गई। दूषित पानी से बीमार होने के बाद 70 वर्षीय अलगूराम यादव को पिछले माह 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 33 हो गई है।
अलगूराम एक माह से अस्पताल में भर्ती थे और कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इसके पहले अलगूराम यादव की पत्नी की भी दूषित पानी से मौत हो चुकी है। उर्मिला यादव को भी उल्टी-दस्त की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उर्मिला यादव ने दम तोड़ा था। उनकी मौत को महीनेभर हो गए हैं।
अगलूराम के बेटे संजय यादव का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। करीब एक महीने पहले उल्टी और तेज बुखार की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान चली गई।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि भागीरथपुरा के अलगूराम यादव लंबे समय से अरविंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पहले से ही लकवा था। उनकी दाहिनी जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर भी था। वह दूसरी बीमारियों से भी पीड़ित थे।
इंदौर में हुई इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 33 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली, सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62), एकनाथ सूर्यवंशी (75). अनिता कुशवाह (65) और अगलूराम यादव (70) शामिल हैं।
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, अभी भी तीन मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो हल्के मामले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर