सीबीडीटी ने 'आयकर अधिनियम 2025' के नियमों पर हितधारकों से मांगे सुझाव

08 Feb 2026 15:26:53

​नई दिल्ली, 08 फरवरी (हि.स.)। ​आयकर व्यवस्था में पारदर्शिता और सरलता लाने के उद्देश्य से, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 'आयकर अधिनियम 2025' के प्रस्तावित नियमों एवं प्रपत्रों पर हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।

​सीबीडीटी ने रविवार को स्पष्ट किया है कि सुझाव मुख्य रूप से निम्नलिखित चार मानकों के आधार पर दिए जाने चाहिए। इनमें सरल भाषा, मुकदमेबाजी में कमी, अनुपालन के बोझ में कमी और अनावश्यक नियमों की पहचान है।

​उल्लेखनीय है कि आयकर अधिनियम, 2025 को अगस्त 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। यह नया कानून 1 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। अंतिम अधिसूचना जारी करने से पहले सरकार चाहती है कि करदाता और विशेषज्ञ अपने इनपुट साझा करें ताकि नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सके।

​हितधारकों की सुविधा के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक विशेष यूटिलिटी शुरू की गई है।

हितधारक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद ओटीपी आधारित सत्यापन के जरिए अपने सुझाव पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या फॉर्म संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक होगा। प्राप्त होने वाले सभी सुझावों का विश्लेषण विशेषज्ञों की समिति द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद ही आयकर नियम, 2026 को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 1962 के पुराने नियमों की जगह आधुनिक और डिजिटल-फ्रेंडली नियम लाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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