
काठमांडू, 08 फरवरी (हि.स.)। नेपाल और भारत के बीच आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इसे चुनाव से पहले किया जाए या चुनाव के बाद, इस विषय पर अभी चर्चा जारी है।
पिछले वर्ष जुलाई में नई दिल्ली में हुई गृह सचिव स्तरीय बैठक में इस समझौते पर प्रारंभिक सहमति बनी थी। सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पिछले अक्टूबर में इस पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया था।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल इस समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर चर्चा चल रही है। विदेश सचिव अमृत राई ने बताया कि आपसी सहमति के आधार पर जल्द ही हस्ताक्षर की तिथि तय कर ली जाएगी।
इस समझौते के बाद सीमा-पार अपराधों पर नियंत्रण, सूचना आदान–प्रदान को आसान बनाने, जांच से जुड़े सबूत साझा करने, अभियोजन में सहयोग करने तथा दोनों देशों की कानूनी एजेंसियों के बीच आपराधिक जांच में समन्वय को मजबूती मिलेगी। इसके लिए दोनों देश वर्षों से संवाद करते आ रहे थे।
पारस्परिक कानूनी सहायता और प्रत्यर्पण संधि के अभाव में सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को एक-दूसरे को अपराधियों को सौंपने में लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास