मिलान, 08 फरवरी (हि.स.)। इटली के मिलान में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच हिंसा और रेल नेटवर्क में तोड़फोड़ की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) दोनों ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना की है।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को “इटली और इटालियनों का दुश्मन” बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर हजारों लोग खेलों को सफल बनाने में जुटे हैं, वहीं कुछ लोग देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ओलंपिक के खिलाफ प्रदर्शन के नाम पर हिंसा और रेलवे केबल काटकर ट्रेनों को रोकना अस्वीकार्य है।
इटली के परिवहन मंत्रालय ने बोलोन्या के पास रेलवे लाइन में तोड़फोड़ की घटना की जांच आतंकवाद के शक के तहत शुरू करने की जानकारी दी है। दोषियों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिलान में लगभग 10 हजार लोगों ने आवास महंगाई और पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन करीब 100 प्रदर्शनकारी मुख्य समूह से अलग होकर उग्र हो गए। उन्होंने पुलिस पर पटाखे, धुआं बम और बोतलें फेंकीं।
IOC के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा की कोई जगह ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजन में नहीं है। उन्होंने कहा कि खेल दुनिया को एकता और शांति का संदेश देने का मंच हैं।
शनिवार को रेल नेटवर्क पर तीन अलग-अलग घटनाओं के कारण हाई-स्पीड, इंटरसिटी और क्षेत्रीय ट्रेनों में ढाई घंटे तक की देरी हुई। अभी तक किसी समूह ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह घटनाएं पेरिस ओलंपिक 2024 के उद्घाटन के दिन फ्रांस के रेल नेटवर्क में हुई तोड़फोड़ की याद भी दिलाती हैं।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा और कड़ी की जा सकती है ताकि खेलों का आयोजन सुचारु रूप से जारी रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय