
नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। देश में आज से 13 फरवरी तक होने वाले ई-कचरा के नियमन और रीसाइक्लिंग पर अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के लिए छह देशों के प्रतिनिधि भारत पहुंचे हैं। कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) और दूरसंचार विभाग कर रहा है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम में कोलंबिया, डोमिनिकन गणराज्य, भारत, मलेशिया, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि शामिल हैं। पहले दिन करीब 40 प्रतिभागी मौजूद रहे।
संचार मंत्रालय ने बताया कि कार्यक्रम में 09 से 11 फरवरी तक तकनीकी कार्यशाला होगी। इसमें ई-कचरा से जुड़े कानून, उत्पादक की जिम्मेदारी और डिजिटल निगरानी प्रणाली पर चर्चा होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार क्षेत्र में सर्कुलर मॉडल पर भी फोकस रहेगा।
डिजिटल संचार आयोग के सदस्य रुद्र नारायण पलई ने कहा कि भारत ई-कचरा रीसाइक्लिंग में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि सही प्रबंधन से हरित रोजगार बनेंगे और कच्चे माल की कमी घटेगी।
कोलंबिया के राजदूत डॉ विक्टर ह्यूगो एचेवेरी जारामिलो ने कहा कि यह दौरा केवल तकनीकी कार्यक्रम नहीं है। यह देशों के बीच भरोसा और दीर्घकालिक सहयोग का मंच है।
दूरसंचार विभाग के सलाहकार शुभेंदु तिवारी ने कहा कि मजबूत नियमों के साथ उद्योग की भागीदारी जरूरी है। आधुनिक रीसाइक्लिंग ढांचे में निवेश पर जोर दिया गया।
12 फरवरी को प्रतिनिधि राजस्थान के अलवर में स्थित ई-कचरा रीसाइक्लिंग इकाई का दौरा करेंगे। 13 फरवरी को आईटीयू क्षेत्रीय कार्यालय और नवाचार केंद्र का भ्रमण होगा।
यह अध्ययन दौरा अक्टूबर 2025 में कोलंबिया में हुए पहले आदान-प्रदान के बाद हो रहा है। अगला अध्ययन दौरा अप्रैल 2026 में दक्षिण अफ्रीका में होगा।
उल्लेखनीय है कि दुनिया में हर साल 6.2 करोड़ टन ई-कचर निकलता है। केवल 22.3 प्रतिशतक कचरा ही औपचारिक रूप से एकत्र और रिसाइकिल किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर