
नई दिल्ली, 01 मार्च (हि.स.)।महिलाओं और बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में दिल्ली सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना पर आधिकारिक मुहर लगने जा रही है। सोमवार 2 मार्च को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक विशेष व भव्य कार्यक्रम ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ आयोजित किया जाएगा। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के प्रति दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि बदलते समय और उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत को देखते हुए बालिकाओं के लिए प्रभावी और भविष्योन्मुखी योजना बनाने की आवश्यकता थी। इसी सोच के साथ लाडली योजना को विस्तारित और सुदृढ़ रूप में ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व संरचना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बालिका के नाम पर संस्थागत जन्म होने पर 11,000 रुपये और घरेलू जन्म होने पर 10,000 रुपये जमा किए जाते थे। इसके अतिरिक्त कक्षा एक, छह और नौवीं में प्रवेश, कक्षा दसवीं उत्तीर्ण करने तथा कक्षा बारह में प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ावों पर 5,000 रुपये की राशि जमा की जाती थी। यह संचित राशि ब्याज सहित 18 वर्ष की आयु में निकाली जा सकती थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई योजना में सहायता की राशि और दृष्टिकोण दोनों को व्यापक रूप से बढ़ाया गया है। अब बालिका के नाम पर विभिन्न चरणों में कुल 56,000 रुपये जमा किए जाएंगे और ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक यह परिपक्वता मूल्य 1 लाख रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा पूरा करना अपवाद नहीं बल्कि सामान्य उपलब्धि बने।
नई योजना पूरी तरह डिजिटल होगी। फंड का प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और निवेश एसबीआई लाइफ धनराशि साधन के अंतर्गत होगा। विभाग द्वारा जमा की गई राशि बालिका की उम्र के साथ बढ़ती रहेगी और परिपक्वता पर पूरी संचित राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे पारदर्शिता और प्रत्यक्ष वित्तीय समावेशन सुनिश्चित होगा।
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो तथा जो पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहे हों। बालिका का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है। पंजीकरण जन्म के एक वर्ष के भीतर या निर्धारित शैक्षणिक पड़ावों पर कराया जा सकता है। यह लाभ प्रति परिवार दो जीवित बालिकाओं तक सीमित रहेगा। महत्वपूर्ण रूप से योजना का दायरा बढ़ाकर भारत में किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त या यूजीसी मान्यता प्राप्त संस्थान में स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा पाठ्यक्रम कर रही लड़कियों को शामिल किया गया है। परिपक्वता लाभ केवल शैक्षणिक शर्तों की पूर्ति पर ही देय होगा।
लाडली बिटियों को मिलेगी ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’
विशेष बात यह है कि ‘सशक्त नारी समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में दिल्ली लाडली योजना के तहत 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की डिजिटल राशि डीबीटी की जाएगी, जो काफी समय से अपनी परिपक्वता राशि प्राप्त नहीं कर पाए थे। यह राशि ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ के तहत प्रदान की जाएगी। वर्ष 2008 में शुरू की गई दिल्ली लाडली योजना का उद्देश्य बालिका के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के महत्वपूर्ण पड़ावों पर संरचित वित्तीय सहायता के माध्यम से लैंगिक असमानताओं को दूर करना था। परिपक्वता राशि, अर्जित ब्याज सहित, डीबीटी माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव