
मुंबई, 01 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के नागपुर जिले में रविवार सुबह विस्फोटक निर्माण फैक्ट्री 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' में हुए धमाके में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तत्काल नागपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 7:15 बजे फैक्ट्री की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि यूनिट में तुरंत भीषण आग लग गई और आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) तथा औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएएस) के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों का इलाज राज्य सरकार के खर्च पर कराया जाएगा और घटना की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद विस्फोटक निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि पैकिंग यूनिट में तकनीकी गड़बड़ी या सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण विस्फोट हुआ हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव