बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से होटल उद्योग संकट में, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

10 Mar 2026 15:37:53
Letter


बेंगलुरु, 10 मार्च (हि.स.)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में आई अचानक बाधा को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि यदि जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग प्रतिष्ठानों को अपना संचालन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 9 मार्च को जारी आदेश के अनुसार एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता देते हुए तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध एलपीजी की आपूर्ति मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को करें। घरों में रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस आदेश के लागू होने के बाद बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक कमी देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने सरकार को बताया है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे होटल, छोटे भोजनालय, मेस और कैटरिंग सेवाओं के संचालन पर गंभीर असर पड़ने लगा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो अनेक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

पत्र में मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि बेंगलुरु में लाखों लोगों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराने वाले छोटे होटल, मेस और सामुदायिक रसोई का बड़ा नेटवर्क है। इन प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए वाणिज्यिक एलपीजी पर ही निर्भरता रहती है। तेल विपणन कंपनियों के साथ हुई चर्चा के आधार पर उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में शहर की वाणिज्यिक एलपीजी मांग को पूरा करने के लिए तीन प्रमुख कंपनियां आपूर्ति करती हैं।

इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) प्रतिदिन लगभग 500 से 550 मीट्रिक टन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) करीब 300 मीट्रिक टन और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) लगभग 230 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति करती रही हैं। इन आपूर्तियों में अचानक आई रुकावट से होटल उद्योग के साथ-साथ कैटरिंग संस्थान और अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट का असर केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घरों से दूर रहकर पढ़ाई या नौकरी करने वाले छात्रों और कामकाजी लोगों पर भी पड़ेगा, जो रोजमर्रा के भोजन के लिए होटल और मेस पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा विवाह मंडप, छात्रावास, सामुदायिक भवन और विभिन्न कार्यक्रम स्थल भी प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि भोजन तैयार करने के लिए वे वाणिज्यिक एलपीजी का ही उपयोग करते हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बेंगलुरु में होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, सामुदायिक भवनों और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों के लिए पर्याप्त मात्रा में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल विपणन कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान मिलने से व्यवसाय सामान्य रूप से चल सकेंगे और शहर के नागरिकों को होने वाली संभावित असुविधा से बचाया जा सकेगा।------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा

Powered By Sangraha 9.0