
नई दिल्ली, 10 मार्च (हि.स.)। भारतीय पैरालंपिक समिति ने मंगलवार को नई दिल्ली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स 2026 के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। 11 से 13 मार्च तक आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आठ देशों के करीब 257 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 'स्वयं' संस्था की आधिकारिक एकेबिलिटी के रूप में जुड़ी हुई है, जो खिलाड़ियों और छात्रों के लिए सहायक उपकरण के रूप में सहयोग दे रही है।
इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान, हांगकांग, सर्बिया, बोस्निया और मिस्र के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जबकि भारतीय दल सबसे बड़ा है। भारतीय टीम के लगभग 219 खिलाड़ी विभिन्न ट्रैक और फील्ड वर्गों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
प्रतियोगिता में भारत के कई प्रमुख पैरा एथलीट भी भाग ले रहे हैं। इनमें पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन थंगावेलु, सुमित अंतिल और प्रवीण कुमार शामिल हैं। इसके अलावा अजित सिंह, वैष्णव सिंह गुर्जर, एशियाई पैरालंपिक मेडल विजेता अंकुर धामा, टी-12 खिलाड़ी सिमरन शर्मा और पेरिस पैरालंपिक 2024 में दो मेडल जीतने वाली प्रीति पाल भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं।
विश्व पैरा एथलेटिक्स के अध्यक्ष पॉल फिट्जगेराल्ड ने कहा कि नई दिल्ली में इस प्रतियोगिता के आयोजन में भारत में पैरा खेलों के उभरते प्रभावों को दर्शाया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रतियोगिता लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक खेलों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।
इस अवसर पर स्वयम के संस्थापक स्मिनु जिंदल ने रीच-योग्यता को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि सभी के लिए सुविधाजनक पर्यटक देशों में पैराप्लेक की नई प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से भारत में पैरा खेलों को बढ़ावा मिलेगा और समावेशी खेल संस्कृति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय