
वॉशिंगट/तेहरान/तेल अवीव/मॉस्को, 10 मार्च (हि.स.)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। दोनों पक्ष एक दूसरे के लक्ष्यों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाते रहे। इसी बीच इस टकराव को कम करने की कोशिशें भी जारी रहींं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो वे ईरान के साथ बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन यह पूरी तरह शर्तों पर निर्भर करेगा।इससे पहले ट्रंप ने इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की थी।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो वे ईरान के साथ बातचीत करने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह वार्ता की शर्तों पर निर्भर करेगा। ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित बातचीत से जुड़े प्रश्न पर बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि तेहरान बातचीत करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी वार्ता से पहले शर्तें तय करना महत्वपूर्ण होगा।
ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि वे शांति से रह सकते हैं। ट्रंप ने एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान के परिणामों को उम्मीद से कहीं अधिक सफल बताया था।
ट्रंप ने इस मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी टेलीफोन पर लंबी बातचीत की। हालांकि ट्रंप ने तेहरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित करने की कोशिश किए जाने पर ईरान पर विनाशकारी हमलों की धमकी भी दी। जबकि ईरान ने दोहराया कि युद्ध उसने नहीं शुरू किया लेकिन इसे समाप्त वही करेगा।
द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं की वार्ता पर क्रेमलिन ने बयान भी जारी किया। इसमें कहा गया कि यह वार्ता करीब एक घंटे तक चली। पुतिन से ट्रंप ने ईरान और यूक्रेन में युद्धों पर चर्चा की। पुतिन के हवाले से क्रेमलिन प्रवक्ता ने बयान में कहा कि ट्रंप ने अपने समकक्ष से ईरान युद्ध को जल्दी सुलझाने के लिए कई प्रस्ताव रखे। पुतिन ने कहा वह खाड़ी नेताओं के साथ-साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के संपर्क में हैं।
मीडिया समूह ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार तड़के सऊदी अरब, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात पर ईरान ने ड्रोन और मिसाइलें दागीं हैं। इन हमलों को लेकर सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि तेल समृद्ध पूर्वी प्रांत में दो ड्रोन नष्ट किए गए हैं। जबकि कुवैत ने कहा कि उसने देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों पर हमला कर रहे छह ड्रोन मार गिराए। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि हवाई रक्षा प्रणाली ईरान से आ रहे मिसाइल हमलों और ड्रोनों का सामना कर रही है।
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित बयानों के अनुसार सरकारी प्रवक्ता फातिमेह मोहजेरानी ने आज कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे समाप्त वही करेगा। उन्होंने कहा, हमने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसे समाप्त करने वाले हम ही होंगे।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने आज कहा कि तेहरान युद्धविराम नहीं चाहता। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम निश्चित रूप से युद्धविराम नहीं चाहते। हमारा मानना है कि हमलावर पर प्रहार किया जाना चाहिए ताकि उसे सबक मिले और वह फिर कभी ईरान पर हमला करने के बारे में न सोचे।” उन्होंने कहा कि इजराइल अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए “युद्ध, वार्ता और युद्धविराम और फिर से युद्ध” के चक्र पर निर्भर करता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान इस चक्र को तोड़ देगा।
उधर, इजराइल ने आज ईरान में नये सिरे से हमलों की शृंखला शुरू करने का दावा किया। इजराइली सेना ने कहा कि उसने अलग-अलग ठिकानों पर हवाई हमलों की नई लहर शुरू की है। इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा कि ये हमले राजधानी में ईरानी आतंकी शासन के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए।
टाइम्स ऑफ इजराइल ने आईडीएफ के हवाले से बताया के उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े एक वित्तीय संस्थान की शाखाओं को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। लेबनान के अंदर जमीनी अभियान चला रहे सैनिकों ने हिजबुल्लाह के कई आतंकवादियों को मार गिराया। इजराइली वायु सेना द्वारा किए गए हमलों में अल-क़र्ज़ अल-हसन के विभिन्न परिसंपत्तियों और तिजोरियों को निशाना बनाया गया, जिसे हिजबुल्लाह एक तरह के बैंक के रूप में इस्तेमाल करता था। सेना ने एक दिन पहले ही इस संस्थान को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव पाश