
हैदराबाद, 11 मार्च (हि.स.)। भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी डिफेंडर निक्की प्रधान ने बुधवार को अपने करियर का एक अहम मुकाम हासिल करते हुए 200 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए। उन्होंने यह उपलब्धि हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 में वेल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान हासिल की। यह मैच हैदराबाद के जी.एम.सी. बालयोगी हॉकी ग्राउंड (गाचीबौली हॉकी कॉम्प्लेक्स) में खेला गया।
झारखंड की रहने वाली निक्की प्रधान ने 2016 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद से वह लगातार भारतीय रक्षा पंक्ति की मजबूत कड़ी बनी हुई हैं। उन्होंने इतिहास रचते हुए रियो २०१६ समर ओलंपिक्स में भाग लेकर ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली झारखंड की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद वह टोक्यो २०२० समर ओलंपिक्स में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।
32 वर्षीय निक्की प्रधान कई बड़ी उपलब्धियों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने माहिया एशिया कप २०१७ में स्वर्ण पदक, Women's asian chwmpionship trophy 2018 में रजत पदक, महिला एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी रांची 2023 में स्वर्ण पदक और महिला एशिया कप 2025 में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहकर अपनी अहम भूमिका निभाई है।
इसके अलावा उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2018 महिला हॉकी विश्व कप जैसे बड़े वैश्विक टूर्नामेंटों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह उस भारतीय टीम की सदस्य भी थीं जिसने 2018 एशियन गेम्स में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था और एफआईएच महिला सीरीज फाइनल 2019 में भी सफलता हासिल की थी।
इस उपलब्धि पर दिलीप तिर्की ने कहा कि 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना निक्की की मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड से निकलकर दो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने तक का उनका सफर देशभर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करता है।
वहीं भोला नाथ सिंह ने कहा कि निक्की प्रधान का यह मील का पत्थर उनकी दृढ़ता और भारतीय हॉकी के प्रति लंबे समय से दिए जा रहे योगदान को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी वह टीम के लिए इसी तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय