
नई दिल्ली, 11 मार्च (हि.स.)।
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि
6 मार्च तक, देशभर में कुल 499 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल (ईएमआरएस) संचालित हैं, जिनमें 1,56,564 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। उन्होंने लिखित में इस संबंध में एक प्रश्न के उत्तर में बताया क िराष्ट्रीय शिक्षा सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (नेस्ट) ने 10,391 पदों पर सीधी भर्ती की पहली प्रक्रिया पूरी की है। चयनित कर्मचारियों को एकलव्य स्कूलों में तैनात किया गया है। जहां भी रिक्तियां हैं, वहां शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए राज्य सोसाइटी द्वारा गेस्ट टीचरों की नियुक्ति भी की जाती है।
नए एकलव्य स्कूल 15 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं और इनमें कक्षा 6 से 12 तक 480 छात्रों की क्षमता है।
उन्होंने राज्यों द्वारा दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि 2024–25 में इएमआरएस छात्रों का परिणाम बेहतर रहा। कक्षा 10 का पास प्रतिशत 89 प्रतिशत रहा
। कक्षा 12 का पास प्रतिशत 85 प्रतिशत रहा
इसके साथ ही 129 एकलव्य स्कूलों में कक्षा 10 का 100 प्रतिशत परिणाम और 72 स्कूलों में कक्षा 12 का 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया।
2024 -25 में एकलव्य स्कूलों 219 छात्रों नेआई आईटी जी(मुख्य) परीक्षा पास किया, 34 छात्रों ने आईआईटी-जी (एडवांस) पास किया, 344 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की।
यह एकलव्य स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक परिणामों का संकेत है।
दुर्गादास उइके ने बताया कि चौथा राष्ट्रीय एकलव्य स्कूल स्पोर्ट्स मीट 2025 11 से 15 नवंबर 2025 तक ओडिशा के राउरकेला, सुंदरगढ़ और राजगंगपुर में आयोजित हुआ। इसमें 21 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश से लगभग 5,500 जनजातीय छात्रों ने 22 खेल विधाओं में भाग लिया, जिसमें लड़कियों और लड़कों की लगभग बराबर भागीदारी रही।
कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के संकल्प प्रोजेक्ट के तहत 200 स्कूल परिसरों में 400 स्किल लैब स्थापित की गई हैं। इन लैब में रोबोटिक्स, डिजिटल फैब्रिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण उपलब्ध कराए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी