विहिप का सांसद संपर्क अभियान शुरू, 27 मार्च तक सांसदों से मिलकर उठाए जाएंगे तीन प्रमुख मुद्दे

11 Mar 2026 19:07:53
विहिप की प्रेस वार्ता की फोटो


नई दिल्ली, 11 मार्च (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने देशभर के सांसदों से संवाद के लिए तीन हफ्ते का सांसद संपर्क अभियान शुरू किया है। नौ मार्च से शुरू यह अभियान 27 मार्च तक तीन चरणों में चलेगा। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्यों से मिलकर जनसंख्या असंतुलन और तीर्थ स्थलों के विकास समेत तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा करेंगे।

विहिप के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सांसद संपर्क अभियान संगठन की वार्षिक योजना का हिस्सा है। सामान्य तौर पर यह अभियान शीतकालीन सत्र के दौरान आयोजित किया जाता है, लेकिन इस बार सत्र की अवधि कम होने के कारण इसे बजट सत्र के दौरान आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान विहिप के अखिल भारतीय विशेष संपर्क प्रमुख अंबरीश सिंह भी मौजूद रहे।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान के दौरान सांसदों के सामने प्रमुख रूप से तीन महत्वपूर्ण मुद्दे रखे जाएंगे। इनमें पहला मुद्दा जनसंख्या असंतुलन का है। बागड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय चिंतन की आवश्यकता है। इसके लिए प्रभावी जनसंख्या नीति बनाने के साथ नारी सशक्तीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और क्षेत्रीय एवं सांप्रदायिक जनसंख्या संतुलन जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। दूसरा मुद्दा देश के तीर्थ स्थलों के विकास से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा तीर्थों में बसती है और तीर्थ विकास के बिना देश के समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। तीर्थ यात्राओं का देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए सांसदों से मांग की जाएगी कि देश के तीर्थ क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और तीर्थाटन के विकास के लिए संस्कृति मंत्रालय में एक स्वतंत्र विभाग बनाने की भी मांग की जाएगी।

तीसरे मुद्दे के रूप में संगठन संविधान के अनुच्छेद 29 एवं 30 के प्रावधानों को सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू करने का विषय उठाएगा। इसके तहत सभी धर्मों को धार्मिक शिक्षा से जुड़े मामलों में समान संवैधानिक अधिकार देने की मांग की जाएगी। साथ ही अल्पसंख्यक की परिभाषा को लेकर भी स्पष्टता की जरूरत बताई जाएगी।

बागड़ा ने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 9 से 13 मार्च तक, दूसरा चरण 16 से 20 मार्च तक और अंतिम चरण 23 से 27 मार्च तक चलेगा। इन चरणों में देश के विभिन्न राज्यों से आए कार्यकर्ता दिल्ली में अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों से संपर्क कर रहे हैं।

संगठन बिना किसी राजनीतिक या वैचारिक भेदभाव के सभी दलों, संप्रदायों और क्षेत्रों के सांसदों से मिलकर अपनी बात रखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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