कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन का कल राष्ट्रपति करेंगी उद्घाटन

युगवार्ता    11-Mar-2026
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आईसीएआर के महानिदेशक एम एल जाट पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए


नई दिल्ली, 11 मार्च (हि.स.)। कृषि में महिलाओं की भूमिका को उजागर करने के मकसद से गुरुवार से तीन दिवसीय (12–14 मार्च ) वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आईसीएआर सम्मेलन केन्द्र में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय ‘कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन (जीसीडब्ल्यूएएस–2026)’ कार्यक्रम का उद्घाटन गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि रहेंगी।

सम्मेलन का आयोजन कृषि विज्ञान के विकास के लिए न्यास (टीएएएस), भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर (आईसीएआर), अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान हेतु परामर्शदात्री समूह (सीजीआईएआर) और पादप किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण संयुक्त रूप से कर रहा है।

आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम एल जाट ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि सम्मेलन में 15 से ज़्यादा राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय संगठन सह-आयोजनकर्ता एवं ज्ञान साझेदार के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में भारत तथा दुनिया भर से वैज्ञानिक, नीति निर्माण, उद्योग जगत के प्रमुख लोग, उद्यमी, प्रगतिशील पेशेवर, महिला किसान, नव-उद्यम तथा विद्यार्थियों समेत 700 से ज़्यादा अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोगों भी भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को मुख्यधारा में लाने हेतु नीतिगत कार्य योजना तथा इसके पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना तथा टिकाऊ एवं समावेशी कृषि-खाद्य प्रणाली बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना है।

इस सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. रेणु स्वरूप, कृषि सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार तथा सह-अध्यक्ष, डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि विस्तार), आईसीएआर होंगे। सम्मेलन के सत्रों को संबोधित करने वाले वक्ताओं में डॉ. एग्नेस कालीबाटा, संस्थापक एवं चेयर, कनेक्ट4इंपेक्ट, डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता डॉ. शकुंतला एच. थिल्स्टेड, एनआईएसडी की निदेशक डॉ. नित्या राव शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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