
भुवनेश्वर, 11 मार्च (हि.स.)। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को बड़ा झटका देते हुए 10 भूमिगत कैडरों ने ओडिशा के कंधमाल जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
ये सभी छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और इन्होंने 10 बंदूकें सहित अन्य गोला-बारूद भी जमा कराए हैं। इन माओवादी कैडरों पर कुल मिलाकर 1.15 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इन माओवादियों ने फुलबनी स्थित रिजर्व पुलिस ग्राउंड में ओडिशा पुलिस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) संजीव पंडा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले अन्य सीपीआई (माओवादी) कैडरों की पहचान इस प्रकार हुई है- राज्य समिति सदस्य सानू पोट्टम उर्फ नीतू (केकेबीएन डिवीजन), उसी डिवीजन की डिविजनल कमेटी सदस्य सांतेई सलाम उर्फ अनुपा, एरिया कमेटी सदस्य लक्ष्मी मडवी उर्फ संगीता, एरिया कमेटी सदस्य सुनील तेलम, पार्टी सदस्य मंजुला पुनेम उर्फ शिल्पा, पार्टी सदस्य रामबती ओयाम उर्फ जमुना, पार्टी सदस्य गणेश कुंजाम, पार्टी सदस्य सुशीला डुडी, पार्टी सदस्य सरिता कुहुदम और पार्टी सदस्य चोड़ी योगी उर्फ रजनी।
संजीव पंडा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने औपचारिक रूप से हिंसा का त्याग किया, उग्रवादी गतिविधियों से सभी संबंध समाप्त करने की घोषणा की और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय व्यक्त किया।
उन्हाेंने कहा कि नबरंगपुर, बलांगीर, कोरापुट, मलकानगिरी, नुआपड़ा और बौध जिले अब नक्सल-मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कंधमाल, कालाहांडी और रायगढ़ा जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। “इन इलाकों में लगभग 25 माओवादी सक्रिय हैं। हम उनसे अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
इस अवसर पर एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) संजीव पंडा, एसआईडब्ल्यू के डीआईजी अखिलेश्वर सिंह, साउथ-वेस्टर्न रेंज के डीआईजी नीति शेखर, आईजी ऑपरेशंस दीपक कुमार, सीआरपीएफ के आईजी अमितेंद्रनाथ सिन्हा, डीआईजी सीआरपीएफ दिलीप सिंह, एएसपी रामेंद्र प्रसाद, बलिगुड़ा एसडीपीओ भोसलें स्मरण संजय और कंधमाल एसपी हरीशा बी.सी. उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो