स्टॉक मार्केट में एल्फिन एग्रो की मामूली प्रीमियम के साथ एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

12 Mar 2026 11:24:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। आटा, सूजी, मैदा और पीली सरसों तेल के बिजनेस में लगी कंपनी एल्फिन एग्रो इंडिया के शेयर ने आज स्टॉक मार्केट में सांकेतिक प्रीमियम के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 47 रुपये के भाव पर जारी किए गए। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग सिर्फ 30 पैसे यानी 0.64 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 47.30 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर 48.05 रुपये के स्तर तक पहुंचा, लेकिन उसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसकी चाल में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। सुबह 11 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 47.34 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक 0.72 प्रतिशत के मामूली फायदे में थे।

एल्फिन एग्रो इंडिया का 25.03 करोड़ रुपये का आईपीओ पांच मार्च से नौ मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.35 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.12 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.59 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 53.25 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.68 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 5.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 3.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 101.45 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 124.71 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 146.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 117.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 7.23 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.60 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 12.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 12.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.61 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.29 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 6.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 10.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 3.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.82 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 6.68 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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