

नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स)। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत की सौर ऊर्जा यात्रा नवोन्मेषण और नीतिगत नेतृत्व की शक्ति प्रदर्शित करती है। जोशी ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में यह बात कही।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सौर ऊर्जा के बढ़ते वैश्विक रुझान और विश्वभर में स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की भूमिका पर प्रकाश डाला। जोशी ने 11 मार्च को नई दिल्ली में आईएसए स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते कहा कि यह गठबंधन सौर ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास को आगे बढ़ाने में साझा विजन और वैश्विक साझेदारी की शक्ति को दर्शाता है।
जोशी ने उल्लेख किया कि लगभग एक दशक पहले, भारत और फ्रांस ने वैश्विक विकास के केंद्र में सूर्य की शक्ति को स्थापित करने के साहसिक विजन के साथ एकजुटता दिखाई थी। उन्होंने बताया कि 125 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों के साथ आईएसए एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा, जो सौर ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के प्रयासों के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने सौर ऊर्जा की संभावनाओं को दुनिया भर में वास्तविक, जीवन-परिवर्तनकारी प्रभाव में बदलने में मदद की है। जहां सर्वाधिक आवश्यकता है, वहां सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर, आईएसए ने वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की ओर मोड़ने में उत्प्रेरक भूमिका निभाई है। इससे उन समुदायों को स्वच्छ, विश्वसनीय बिजली मिल रही है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आईएसए के लक्षित उपायों, स्वास्थ्य केंद्रों को सौर ऊर्जा से संचालित करके निर्बाध स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना, किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज से सशक्त बनाना, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में स्वच्छ बिजली पहुंचाना- के माध्यम से आईएसए प्रतिदिन लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है। स्टार्टअप्स, युवा पेशेवरों और नवाचार इकोसिस्टम को सहायता प्रदान करने के जरिए स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य के लिए नए अवसर, रोजगार और नेतृत्व का सृजन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज वैश्विक सौर ऊर्जा क्षमता में तेजी से वृद्धि हो रही है और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। आईएसए का कार्य इस बात का प्रमाण है कि ऊर्जा परिवर्तन समावेशी, जन-केंद्रित और परिवर्तनकारी हो सकता है। आईएसए की स्थापना दिवस की वर्षगांठ पर, आईएसए असेंबली के अध्यक्ष न केवल हासिल की गई प्रगति की व्यापकता को रेखांकित करते हैं बल्कि लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर प्रसन्नता भी व्यक्त करते हैं।
जोशी ने कहा कि आईएसए का निर्माण वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन में निहित है, जो इस विश्वास पर आधारित है कि विश्व एक परिवार है और यह स्वच्छ ऊर्जा के लाभों को समान रूप से साझा करने के लिए मिलकर काम करने वाले राष्ट्रों की भावना को दर्शाता है। गठबंधन की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए जोशी ने कहा कि जो एक सशक्त विजन के रूप में आरंभ हुआ था, वह आज 120 से अधिक देशों के गठबंधन में विकसित हो गया है, जो वैश्विक सौर ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए सामूहिक रूप से काम कर रहे हैं।
जोशी ने कहा कि देश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 136 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लगभग आधा हिस्सा है। यह वृद्धि दर्शाती है कि निरंतर नीतिगत प्रतिबद्धता और नवाचार से क्या अर्जित किया जा सकता है। जोशी ने सौर ऊर्जा के लाभों को सीधे लोगों तक पहुंचाने वाली प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री सूर्य घर: नि:शुल्क बिजली योजना जैसे कार्यक्रम लाखों परिवारों को अपनी स्वच्छ बिजली उत्पन्न करने में सक्षम बना रहे हैं, जबकि पीएम-कुसुम योजना सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से किसानों को सशक्त बना रही है।
उन्होंने कहा कि जहां विश्व को पहली 1,000 गीगावाट सौर क्षमता स्थापित करने में लगभग 25 वर्ष लगे, वहीं अगले 1,000 गीगावाट को बहुत तेजी से अर्जित किए जाने की उम्मीद है, जो वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के एक नए युग का संकेत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र तेजी से विकासशील देशों की ओर स्थानांतरित हो रहा है, जहां बढ़ती ऊर्जा मांग और प्रचुर मात्रा में सौर संसाधन पारंपरिक ऊर्जा मार्गों को पीछे छोड़ते हुए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करते हैं।
मंत्री जोशी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन एक अद्वितीय मंच के रूप में उभरा है जो सौर ऊर्जा के विस्तार और सतत विकास के लिए नए अवसरों को खोलने के लिए सरकारों, विकास भागीदारों, वित्तीय संस्थानों और निजी क्षेत्र को एक साथ लाता है। विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, सौर सिंचाई और ग्लोबल सोलर फैसिलिटी सहित अभिनव वित्तपोषण प्लेटफार्मों जैसी पहलों के माध्यम से, आईएसए देशों को सौर समाधानों को तैनात करने में मदद कर रहा है जो ऊर्जा तक पहुंच में सुधार करते हैं, आजीविका को सुदृढ़ करते हैं और सतत विकास का समर्थन करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर