नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। भारत ने कनाडा के साथ हुए यूरेनियम समझौते पर पाकिस्तान के आपत्ति जताने को खारिज किया है और पड़ोसी को नसीहत दी है कि खराब रिकॉर्ड वाले को नसीहत देने का कोई हक नहीं हैं। वहीं भारत की साख हमेशा से बेदाग रही है और दुनिया भी यह मानती है।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम इस मामले पर पाकिस्तान के बयान को खारिज करते हैं। परमाणु अप्रसार के संबंध में भारत की साख बेदाग है और वैश्विक समुदाय इसे भली-भांति मान्यता देता है।
उन्होंने कहा, “जिस देश का इतिहास गुपचुप तरीके से परमाणु प्रसार करने के पुख्ता सबूतों से भरा हो, वह भला निर्यात नियंत्रण और परमाणु प्रसार के जोखिमों के बारे में उपदेश कैसे दे सकता है? ऐसे बेतुके बयान पाकिस्तान द्वारा अपने ही बेहद खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं हैं।”
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने भारत-कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति समझौते और परमाणु प्रौद्योगिकी सहयोग पर चिंता व्यक्त की है। साथ ही कहा है कि इस व्यवस्था से भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में विस्तार हो सकता है और वैश्विक परमाणु अप्रसार ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा