कच्चे तेल की कीमत में तेजी समेत आधा दर्जन कारणों से शेयर बाजार को लगा झटका, धराशायी हुए सेंसेक्स और निफ्टी

युगवार्ता    12-Mar-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन दबाव बना रहा। आज का कारोबार शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक बड़ी गिरावट का शिकार हो गए। हालांकि, पहले आधे घंटे के कारोबार में जबरदस्त गिरावट का सामना करने के बाद खरीदारों ने चौतरफा लिवाली शुरू कर दी, जिससे ये दोनों सूचकांक काफी हद तक रिकवर करने में भी सफल रहे। दोपहर दो बजे के थोड़ी देर पहले बाजार के सेंटीमेंट्स एक बार फिर निगेटिव हो गए, जिसकी वजह से दिन के पहले सत्र में रिकवरी के मूड में कारोबार कर रहा शेयर बाजार दोबारा धराशायी हो गया। आज की गिरावट के लिए आधा दर्जन से अधिक फैक्टर्स को जिम्मेदार माना जा रहा है।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल भंसाली के अनुसार कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने आज की गिरावट में बड़ी भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज एक बार फिर नौ प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई, जिसकी वजह से ब्रेंट क्रूड 101.28 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह वेस्ट टैक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी नौ प्रतिशत से अधिक की छलांग लगा कर 95.97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में ब्रेंट क्रूड थोड़ी नरमी के साथ भारतीय समय के अनुसार शाम छह बजे 98.52 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 93.22 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले तीन मालवाहक जहाजों पर ईरान के हमले से भी कच्चे तेल की कीमत में आज तेजी का रुख बना रहा। अनिल भंसाली के अनुसार कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी और जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजार में डर का माहौल बना दिया है। खासकर, पश्चिम एशिया के सैन्य तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी जारी रहने की आशंका बनी हुई है। इस वजह से इन्वेस्टर्स सेंटीमेंट्स पर काफी नकारात्मक असर हुआ है।

इसी तरह घरेलू शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी काफी बुरा असर डाला है। मार्च के महीने में अभी तक विदेशी निवेशक स्टॉक मार्केट से 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण भी शेयर बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट से भी आज लगातार कमजोर संकेत मिलते रहे। एशियाई बाजार में आज गिरावट का रुख बना रहा। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र के दौरान गिरावट के साथ बंद हुए थे। इस वैश्विक दबाव ने भी भारतीय शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स पर नकारात्मक असर डाला।

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी ने आज की गिरावट के लिए इन फैक्टर्स के अलावा ग्लोबल ट्रेड से जुड़ी चिंताओं और रुपये की कमजोरी को भी बड़ी वजह बताया है। प्रशांत धामी के अनुसार अमेरिका ने भारत समेत 16 देश के खिलाफ अनफेयर ट्रेड की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को एक बार फिर सख्ती से लागू करने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने अनफेयर ट्रेड इन्वेस्टिगेशन का हथकंडा अपनाया है। इसकी वजह से ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशकों का भरोसा कम हुआ है।

इसके अलावा डॉलर की तुलना में रुपये की कमजोरी ने भी आज घरेलू शेयर बाजार के कारोबार पर नकारात्मक असर डाला। भारतीय मुद्रा आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.36 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गई। कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से अपने पैसे की निकासी करने के कारण डॉलर की मांग में काफी तेजी आ गई है, इससे रुपये पर भी दबाव बढ़ गया है।

माना जा रहा है कि मौजूदा हालात में चालू खाते का घाटा और महंगाई दोनों बढ़ सकते हैं। इस डर की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार में आज लगातार गिरावट का रुख बना रहा। इसी तरह इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में भी आज छह प्रतिशत की तेजी आ गई, जिसकी वजह से निवेशकों में और अधिक डर का माहौल बन गया। इसका परिणाम आज शेयर बाजार की गिरावट के रूप में सामने आया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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