केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की की पम्प्ड स्टोरेज जलविद्युत पर रिपोर्ट जारी की

12 Mar 2026 21:42:53
रिपोर्ट जारी करते हुए


- अगले दस वर्षों में 100 गीगावाट पीएसपी क्षमता जोड़ने की योजना पर कार्य

हरिद्वार, 12 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर (पीएसपी) की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की द्वारा तैयार रिपोर्ट “भारत में पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर: ड्राइव, पहल, बाज़ार वृद्धि और चुनौतियां” का विमोचन किया। विशेषज्ञों की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा के तीव्र विस्तार को स्थायी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर दीर्घ अवधि ऊर्जा भंडारण आवश्यक है, जिसमें पीएसपी एक सिद्ध और किफायती तकनीक है।

उन्होंने बताया कि भारत अगले दस वर्षों में 100 गीगावाट पीएसपी क्षमता जोड़ने की योजना पर कार्य कर रहा है, जिससे देश वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुंच सकता है। सरकार ने इसके विकास को गति देने के लिए विभिन्न नीतिगत कदम उठाए हैं। आईआईटी रुड़की के प्रो. अरुण कुमार के नेतृत्व में तैयार रिपोर्ट में तकनीकी प्रगति, नीतिगत ढांचा, व्यावसायिक मॉडल और बाजार विस्तार पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में सीईए अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और वित्तीय संस्थानों के सदस्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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