
नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स)। भारत ने असम से भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले 'जोहा चावल' की अपनी पहली खेप ब्रिटेन और इटली को निर्यात की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्वदेशी कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले यह चावल मध्य पूर्वी देशों कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और सऊदी अरब को निर्यात किया गया था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने ब्रिटेन और इटली को असम सरकार के कृषि विभाग के सहयोग से 12 मार्च को यह खेप रवाना की है। भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले 25 मीट्रिक टन (एमटी) जोहा चावल की यह खेप भेजी गई है। यह निर्यात एपीडा में पंजीकृत कोलकाता की फर्म सेफ एग्रीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। जोहा चावल की पहली खेप की प्रोसेसिंग और पैकिंग असम के गुवाहाटी स्थित प्रतीक एग्रो फूड प्रोसेसिंग में की गई है।
मंत्रालय ने कहा कि असम की पैदावार सुगंधित जोहा चावल को 2017 में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ। अपनी विशिष्ट सुगंध, महीन दानेदार बनावट और समृद्ध स्वाद के लिए जाना जाने वाला यह चावल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों में पहचान अर्जित कर रहा है। असम में लगभग 21,662 हेक्टेयर क्षेत्र में जोहा चावल की खेती की जाती है, जिसका वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अनुमानित उत्पादन लगभग 43,298 मीट्रिक टन है। प्रमुख उत्पादक जिलों में नागांव, बक्सा, गोलपारा, शिवसागर, माजुली, चिरांग और गोलाघाट शामिल हैं।
असम सरकार के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने असम सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त अरुणा राजोरिया (आईएएस), एआरआईएएस सोसाइटी के राज्य परियोजना निदेशक वीरेंद्र मित्तल (आईएएस), असम सरकार के कृषि निदेशक डॉ. उदय प्रवीण (आईएएस), एपीईडीए के अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव, पादप संगरोध विभाग, कृषि विभाग और एपीईडीए क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी के अधिकारियों की उपस्थिति में निर्यात खेप को झंडी दिखाकर रवाना किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर