
नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स)। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 11 मार्च तक देश के कैप्टिव, वाणिज्यिक और अन्य कोयला खदानों से 200 मिलियन टन (एमटी) कोयला उत्पादन करने का दावा किया है। कुल कोयला उत्पादन में से कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खदानों का योगदान 194.17 एमटी रहा, जबकि अन्य खदानों का योगदान 6.06 एमटी रहा है, जिससे कुल उत्पादन ऐतिहासिक 200 एमटी के आंकड़े को पार कर गया।
कोयला मंत्रालय के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2025-26 में कोयले का उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 (197.32 एमटी) के कुल कोयला उत्पादन का आंकड़ा 7 मार्च, 2026 को ही पार कर गया। ये उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 24 दिन पहले ही हासिल कर ली गई। मंत्रालय ने बताया कि इस क्षेत्र ने अपनी मजबूत गति को बरकरार रखते हुए इसी अवधि में वार्षिक आधार पर 10.56 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। कोयले की आपूर्ति में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो वार्षिक आधार पर 7.71 फीसदी की वृद्धि के साथ 182.98 एमटी से बढ़कर 197.09 एमटी हो गया है।
कोयला मंत्रालय ने आगे कहा कि ये उपलब्धियां विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने, औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को सुदृढ़ करने में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करती हैं, क्योंकि भारत 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में अग्रसर है। इस वर्ष घरेलू कोयला उत्पादन और आपूर्ति खपत से अधिक रही है, जिसके परिणामस्वरूप खानों और ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर