ईरान के साथ युद्ध का हिस्सा नहीं है जर्मनी : जर्मन चांसलर

13 Mar 2026 20:01:54
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (फाइल फाेटाे)


एंडेनेस (नॉर्वे)/बर्लिन, 13 मार्च (हि.स.)। नॉर्वे की यात्रा के दौरान जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त करने के लिए अमेरिका और इजराइल के पास स्पष्ट “एग्जिट प्लान” नजर नहीं आता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कारगर रणनीति नहीं बनाई गई तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में और खतरनाक रूप से फैल सकता है।

अलजजीरा अंग्रेजी और अन्य मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के पास ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त करने के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट “एग्जिट प्लान” दिखाई नहीं देता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैलकर और खतरनाक हो सकता है। मर्ज़ ने कहा कि जर्मनी इस युद्ध का हिस्सा नहीं है और न ही इसका हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बर्लिन फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सैन्य सुरक्षा देने पर विचार नहीं कर रहा है, भले इस रणनीतिक जलमार्ग के आसपास ईरान के हमलों की खबरें सामने आ रही हों।

इस दौरान मर्ज़ ने अमेरिकी प्रशासन की उस घोषणा की भी आलोचना की, जिसमें बढ़ती ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रूस पर लगे कुछ तेल प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया गया है। उनके अनुसार, ऊर्जा बाजार में कीमतों की समस्या हो सकती है लेकिन तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है इसलिए यह फैसला उचित नहीं लगता।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ संयुक्त बयान में मर्ज़ ने कहा कि जर्मनी चाहता है कि रूस, ईरान में जारी संघर्ष का फायदा उठाकर यूक्रेन को कमजोर न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि नाटाे की पूर्वी सीमा पर रूस की किसी भी आक्रामक कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मर्ज़ ने बताया कि जर्मनी अपने जी7 साझेदार देशों और इजराइल के साथ मिलकर इस युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय तेल भंडारों को जारी करने के हालिया कदमों का भी जिक्र किया और कहा कि इससे बाजार में कीमतों को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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