(लीड) यह बंगाल की आत्मा बचाने का चुनाव, राज्य की निर्मम सरकार का अंत तय: मोदी

14 Mar 2026 17:46:54
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को कोलकाता में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए


कोलकाता, 14 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भाजपा की रैली में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव केवल सरकार बदलने का चुनाव नहीं है, बल्कि “बंगाल की आत्मा को बचाने का चुनाव” है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने राज्य को अराजकता, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भय के माहौल में धकेल दिया है और अब बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बंगाली भाषा में करते हुए राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ब्रिगेड मैदान में उमड़ी विशाल भीड़ इस बात का प्रमाण है कि बंगाल में परिवर्तन की इच्छा मजबूत हो चुकी है। यह मैदान इतिहास में कई बार बंगाल की आवाज बना है और आज एक बार फिर यहीं से “नए बंगाल की क्रांति” का बिगुल बज चुका है।

मोदी ने कहा कि राज्य के लोगों के दिलों में यह बात दर्ज हो चुकी है कि बंगाल की “निर्मम सरकार” का अंत होकर रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी सत्ता जाते देख टीएमसी सरकार बौखला गई है और रैली में आने वाले लोगों को “चोर” कहकर उनका अपमान कर रही है, जबकि बंगाल की जनता अच्छी तरह जानती है कि असली चोर कौन है।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राज्य में “महाजंगलराज” का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और भाजपा की सरकार बनने के बाद कानून का राज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी कानून तोड़ेगा या अत्याचार करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों से हिसाब लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार “मां, मानुष और माटी” के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि मां रो रही है, माटी को लूटा जा रहा है और बंगाल का मानुष राज्य छोड़ने को मजबूर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ की वजह से बंगाल की रोटी, बेटी और माटी पर खतरा पैदा हो गया है।

मोदी ने कहा कि बीते दशकों में राज्य के कई इलाकों की जनसांख्यिकी बदल गई है और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण बंगाली हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है ताकि उनका वोट बैंक मजबूत रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता देने की बात आती है तो टीएमसी उसका विरोध करती है, क्योंकि वह उन्हें अपना वोट बैंक नहीं मानती। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण का भी टीएमसी इसलिए विरोध करती है ताकि घुसपैठियों और मृत लोगों के नाम वोटर सूची से हटाए न जा सकें।

उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार की राजनीति का आधार डर और धमकी है। चुनाव में वोटरों को डराया जाता है, सरकार की आलोचना करने वालों को धमकाया जाता है और मीडिया तथा विपक्ष को दबाने की कोशिश की जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी के गुंडागर्दी के दिन खत्म होने वाले हैं और भाजपा की सरकार बनने के बाद कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों, घुसपैठियों और तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों के लिए केवल जेल ही जगह होगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार में सबसे ज्यादा दलित, आदिवासी और गरीब लोग प्रताड़ित हुए हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह संथाल आदिवासी परंपरा के पावन उत्सव में शामिल होने बंगाल आई थीं तो राज्य सरकार ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया और व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त छोड़ दिया।

मोदी ने कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों और महिलाओं का अपमान है तथा यह संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर की भी अवमानना है।

प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाता है या मतदाता सूची के शुद्धिकरण की बात करता है, तब टीएमसी उसके खिलाफ हमला करने लगती है और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

उन्होंने कहा कि ऐसा ही रवैया सेना के प्रति भी दिखाया गया। वर्ष 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद टीएमसी नेताओं ने सेना से सबूत मांगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पुलिस को स्वतंत्र रूप से जांच नहीं करने देती और राष्ट्रीय एजेंसियों को भी भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों की जांच से रोकने की कोशिश करती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार न तो खुद काम करती है और न ही केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू होने देती है। उन्होंने दावा किया कि यदि टीएमसी सरकार हटती है तो हर गरीब को पक्का घर और आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड सहित तमाम योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा और यह “मोदी की गारंटी” है।

उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब टीएमसी इन सभी सरकारों के कारण बंगाल में विकास की गति रुक गई और उद्योग-धंधे बंद होते गए। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं, जिसके कारण युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य ऐसा बंगाल बनाना है जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें तथा राज्य फिर से देश की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाए। कुछ लोग जनता को यह कहकर डराने की कोशिश करेंगे कि बदलाव संभव नहीं है, लेकिन जब जनता ठान लेती है तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती।

मोदी ने कहा कि इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने, कट मनी से मुक्ति दिलाने और भय के माहौल से आजादी दिलाने का है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल की जनता एक बार फिर इतिहास रचेगी और राज्य में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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