ईंधन संकट के बीच पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 5–30% कटौती

14 Mar 2026 20:38:53

इस्लामाबाद, 14 मार्च (हि.स,)। आर्थिक दबाव और बढ़ते ईंधन संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई सख्त फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी में 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार शनिवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि वेतन कटौती से बचाई गई राशि का उपयोग आम लोगों को राहत देने और आवश्यक सार्वजनिक योजनाओं में किया जाएगा।

खर्च कम करने की इस नीति के तहत सरकार ने कई अन्य कदम भी उठाए हैं। सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत तक कमी की जाएगी। साथ ही अगले दो महीनों के भीतर लगभग 60 प्रतिशत सरकारी गाड़ियों को सड़कों से हटाने की योजना बनाई गई है, ताकि ईंधन की खपत घटाई जा सके।

सरकार ने नए सरकारी वाहनों की खरीद और अन्य सरकारी खरीद पर भी अस्थायी रोक लगा दी है। इसके अलावा मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेष सहायकों की विदेश यात्राओं पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेगा।

बैठक में यह भी फैसला किया गया कि मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों की अगले दो महीनों की सैलरी को भी बचत के रूप में सार्वजनिक कल्याण कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

हाल के अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। पिछले सप्ताह पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद सरकार को वित्तीय दबाव कम करने और ईंधन की खपत नियंत्रित करने के लिए ये कठोर कदम उठाने पड़े हैं।

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में सरकार के लिए खर्च घटाना एक जरूरी कदम है, हालांकि इससे सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक तंत्र पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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