ईरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास काे बनाया निशाना, हेलीपैड पर गिरी मिसाइल

14 Mar 2026 17:00:53
बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर  मिसाइल हमले के बाद इमारत से उठती आग की लपटें और धुआं


बगदाद, 14 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में 12 दिनाें से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच शनिवार को ईरान ने इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल हमला किया। मिसाइल दूतावास परिसर के भीतर बने हेलीपैड के पास गिरी जिससे इमारत क्षतिग्रस्त हाे गई और अमेरिकी वायुरक्षा प्रणाली को भी नुकसान होने की खबर है।

समाचार चैनल अल जज़ीरा एवं अन्य मीडिया संगठनों की रिपाेर्टों के अनुसार इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर शनिवार को एक मिसाइल दूतावास परिसर के भीतर बने हेलीपैड के पास गिरी, जिससे इमारत को नुकसान पहुंचा और परिसर से लपटें एवं धुआं उठता देखा गया। इस हमले का निशाना अमेरिकी दूतावास परिसर स्थित वायु रक्षा प्रणाली का स्टेशन था। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि हमले में किसी के हताहत होने की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले में दूतावास की हवाई सुरक्षा प्रणाली का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

यह मिसाइल दूतावास की चारदीवारी के भीतर स्थित ग्रीन जाेन इलाके में गिरी। ग्रीन ज़ोन बगदाद का अत्यंत सुरक्षित और किलेबंद क्षेत्र है, जहां इस इलाके में इराक सरकार के ज़्यादातर दफ़्तर और अमेरिका समेत कई देशों के दूतावास स्थित हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में हमले के बाद दूतावास परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। हालांकि अमेरिकी दूतावास काे लेकर इराक सरकार की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि इराक में सक्रिय ईरान समर्थित सशस्त्र समूह अक्सर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी देते रहे हैं। माना जा रहा है कि हालिया हमले के पीछे भी ऐसे ही गुटों का हाथ हो सकता है।

बताया जा रहा है कि ये गुट ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनकी मौत इस संघर्ष की शुरुआत में एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में हुई थी।

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बाद बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर यह दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे एक दिन पहले ही दूतावास ने इराक के लिए ‘लेवल-4’ सुरक्षा चेतावनी दोबारा जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने को कहा था।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान समर्थित कई हथियारबंद गुट “इराक़ में इस्लामी प्रतिरोध (आईआरआई)” नाम के नेटवर्क के तहत काम कर रहे हैं और वे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार ड्रोन और रॉकेट हमलों का दावा करते रहे हैं। यह गुट ईरान समर्थित शिया इस्लामी गुटों के एक अनौपचारिक नेटवर्क का हिस्सा है। इस नेटवर्क के सदस्य क्षेत्र में अमेरिकी सेना या उसके सहयोगियों पर हमले करते समय इस नाम का उपयोग करते हैं।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह हमला उस समय हुआ जब ईरान समर्थित सशस्त्र समूह कताइब हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर दो हमलों में उसके दो सदस्य मारे गए थे। इनमें संगठन का एक प्रमुख सदस्य भी शामिल बताया जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान बीच बढ़ते टकराव के कारण इराक एक बार फिर युद्ध का मैदान बनता जा रहा है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

वहीं, ईरान ने बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह इस क्षेत्र में केवल अमेरिकी ठिकानों और सैन्य चौकियों को ही निशाना बनाता है और उसका अरब देशों के साथ किसी भी तरह के टकराव का कोई इरादा नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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